18 सितंबर 2027 को बरेली का चौघड़िया

शनिवार, 18 सितंबर 2027, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 18 सितंबर 2027 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (06:44 तक), नक्षत्र रेवती (16:47 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 09:02 से 10:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 18:14
रात 05:58 तक
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
रेवती, 16:47 तक
अश्विनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:58 – 07:30टालें
शुभ07:30 – 09:02शुभ
रोग09:02 – 10:34टालें
उद्वेग10:34 – 12:06टालें
चर12:06 – 13:38सामान्य
लाभ13:38 – 15:10शुभ
अमृत15:10 – 16:42शुभ
काल16:42 – 18:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:14 – 19:42शुभ
उद्वेग19:42 – 21:10टालें
शुभ21:10 – 22:38शुभ
अमृत22:38 – 00:06शुभ
चर00:06 – 01:34सामान्य
रोग01:34 – 03:02टालें
काल03:02 – 04:30टालें
लाभ04:30 – 05:58शुभ

18 सितंबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 06:44 तक
कृष्ण तृतीया 07:09, 19 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 16:47 तक
अश्विनी 17:41, 19 सित॰ तक
योग
वृद्धि 09:03 तक
ध्रुव 08:19, 19 सित॰ तक
करण
गर 06:44 तक
वणिज 19:00 तक
विष्टि (भद्रा) 07:09, 19 सित॰ तक
चंद्र राशि
मीन 16:47 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
19:19
चंद्रास्त
07:55
दिनमान
12h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
09:02 – 10:34
यमगंड
13:38 – 15:10
गुलिक काल
05:58 – 07:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5806:59दिन
गुरु06:5908:01दिन
मंगल08:0109:02दिन
सूर्य09:0210:03दिन
शुक्र10:0311:05दिन
बुध11:0512:06दिन
चंद्र12:0613:07दिन
शनि13:0714:08दिन
गुरु14:0815:10दिन
मंगल15:1016:11दिन
सूर्य16:1117:12दिन
शुक्र17:1218:14दिन
बुध18:1419:12रात
चंद्र19:1220:11रात
शनि20:1121:10रात
गुरु21:1022:09रात
मंगल22:0923:07रात
सूर्य23:0700:06रात
शुक्र00:0601:05रात
बुध01:0502:04रात
चंद्र02:0403:02रात
शनि03:0204:01रात
गुरु04:0105:00रात
मंगल05:0005:58रात

अयनांश 24.2442° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।