3 फ़रवरी 2028 को बरेली का चौघड़िया

गुरुवार, 3 फ़रवरी 2028, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 3 फ़रवरी 2028 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (12:21 तक), नक्षत्र अश्विनी (11:39 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 13:47 से 15:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 17:53
रात 06:58 तक
तिथि
सप्तमी, 12:21 तक
अष्टमी
नक्षत्र
अश्विनी, 11:39 तक
भरणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:59 – 08:20शुभ
रोग08:20 – 09:42टालें
उद्वेग09:42 – 11:04टालें
चर11:04 – 12:26सामान्य
लाभ12:26 – 13:47शुभ
अमृत13:47 – 15:09शुभ
काल15:09 – 16:31टालें
शुभ16:31 – 17:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:53 – 19:31शुभ
चर19:31 – 21:09सामान्य
रोग21:09 – 22:47टालें
काल22:47 – 00:25टालें
लाभ00:25 – 02:04शुभ
उद्वेग02:04 – 03:42टालें
शुभ03:42 – 05:20शुभ
अमृत05:20 – 06:58शुभ

3 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 12:21 तक
शुक्ल अष्टमी 12:47, 4 फ़र॰ तक
नक्षत्र
भरणी 12:39, 4 फ़र॰ तक
योग
शुभ 18:04 तक
शुक्ल 17:06, 4 फ़र॰ तक
करण
वणिज 12:21 तक
विष्टि (भद्रा) 00:40, 4 फ़र॰ तक
बव 12:47, 4 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
10:50
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
10h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:06
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
13:47 – 15:09
यमगंड
06:59 – 08:20
गुलिक काल
09:42 – 11:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5907:53दिन
मंगल07:5308:48दिन
सूर्य08:4809:42दिन
शुक्र09:4210:37दिन
बुध10:3711:31दिन
चंद्र11:3112:26दिन
शनि12:2613:20दिन
गुरु13:2014:15दिन
मंगल14:1515:09दिन
सूर्य15:0916:04दिन
शुक्र16:0416:58दिन
बुध16:5817:53दिन
चंद्र17:5318:58रात
शनि18:5820:03रात
गुरु20:0321:09रात
मंगल21:0922:14रात
सूर्य22:1423:20रात
शुक्र23:2000:25रात
बुध00:2501:31रात
चंद्र01:3102:36रात
शनि02:3603:42रात
गुरु03:4204:47रात
मंगल04:4705:53रात
सूर्य05:5306:58रात

अयनांश 24.2495° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।