20 मार्च 2028 को बरेली का चौघड़िया

सोमवार, 20 मार्च 2028, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 20 मार्च 2028 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (21:36 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (05:04, 21 मार्च तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 07:46 से 09:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 18:23
रात 06:14 तक
तिथि
दशमी, 21:36 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 05:04 तक
श्रवण
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:15 – 07:46शुभ
काल07:46 – 09:17टालें
शुभ09:17 – 10:48शुभ
रोग10:48 – 12:19टालें
उद्वेग12:19 – 13:50टालें
चर13:50 – 15:21सामान्य
लाभ15:21 – 16:52शुभ
अमृत16:52 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:23 – 19:52सामान्य
रोग19:52 – 21:21टालें
काल21:21 – 22:50टालें
लाभ22:50 – 00:19शुभ
उद्वेग00:19 – 01:48टालें
शुभ01:48 – 03:17शुभ
अमृत03:17 – 04:45शुभ
चर04:45 – 06:14सामान्य

20 मार्च 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण दशमी 21:36 तक
कृष्ण एकादशी 00:14, 22 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 05:04, 21 मार्च तक
श्रवण 08:12, 22 मार्च तक
योग
परिघअशुभ 22:55 तक
शिव 23:54, 21 मार्च तक
करण
वणिज 08:24 तक
विष्टि (भद्रा) 21:36 तक
बव 10:54, 21 मार्च तक
चंद्र राशि
धनु 08:51 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
02:45
चंद्रास्त
13:24
दिनमान
12h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
07:46 – 09:17
यमगंड
10:48 – 12:19
गुलिक काल
13:50 – 15:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1507:16दिन
शनि07:1608:17दिन
गुरु08:1709:17दिन
मंगल09:1710:18दिन
सूर्य10:1811:19दिन
शुक्र11:1912:19दिन
बुध12:1913:20दिन
चंद्र13:2014:21दिन
शनि14:2115:21दिन
गुरु15:2116:22दिन
मंगल16:2217:23दिन
सूर्य17:2318:23दिन
शुक्र18:2319:22रात
बुध19:2220:22रात
चंद्र20:2221:21रात
शनि21:2122:20रात
गुरु22:2023:20रात
मंगल23:2000:19रात
सूर्य00:1901:18रात
शुक्र01:1802:17रात
बुध02:1703:17रात
चंद्र03:1704:16रात
शनि04:1605:15रात
गुरु05:1506:14रात

अयनांश 24.2512° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।