14 अप्रैल 2028 को बरेली का चौघड़िया

शुक्रवार, 14 अप्रैल 2028, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 14 अप्रैल 2028 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (07:13 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (06:30 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:47 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 10:36 से 12:12 तक है।

दिन और रात
दिन 05:47 – 18:37
रात 05:46 तक
तिथि
षष्ठी
नक्षत्र
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:47 – 07:24सामान्य
लाभ07:24 – 09:00शुभ
अमृत09:00 – 10:36शुभ
काल10:36 – 12:12टालें
शुभ12:12 – 13:48शुभ
रोग13:48 – 15:25टालें
उद्वेग15:25 – 17:01टालें
चर17:01 – 18:37सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:37 – 20:01टालें
काल20:01 – 21:24टालें
लाभ21:24 – 22:48शुभ
उद्वेग22:48 – 00:12टालें
शुभ00:12 – 01:35शुभ
अमृत01:35 – 02:59शुभ
चर02:59 – 04:23सामान्य
रोग04:23 – 05:46टालें

14 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 07:13 तक
कृष्ण षष्ठी 07:48, 15 अप्रैल तक
नक्षत्र
मूल 07:41, 15 अप्रैल तक
योग
वरीयान 05:52 तक
परिघअशुभ 05:13, 15 अप्रैल तक
शिव 05:11, 16 अप्रैल तक
करण
तैतिल 07:13 तक
गर 19:24 तक
वणिज 07:48, 15 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:47
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
23:54
चंद्रास्त
09:20
दिनमान
12h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
10:36 – 12:12
यमगंड
15:25 – 17:01
गुलिक काल
07:24 – 09:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4706:52दिन
बुध06:5207:56दिन
चंद्र07:5609:00दिन
शनि09:0010:04दिन
गुरु10:0411:08दिन
मंगल11:0812:12दिन
सूर्य12:1213:16दिन
शुक्र13:1614:20दिन
बुध14:2015:25दिन
चंद्र15:2516:29दिन
शनि16:2917:33दिन
गुरु17:3318:37दिन
मंगल18:3719:33रात
सूर्य19:3320:29रात
शुक्र20:2921:24रात
बुध21:2422:20रात
चंद्र22:2023:16रात
शनि23:1600:12रात
गुरु00:1201:07रात
मंगल01:0702:03रात
सूर्य02:0302:59रात
शुक्र02:5903:55रात
बुध03:5504:51रात
चंद्र04:5105:46रात

अयनांश 24.2522° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।