30 अगस्त 2028 को बरेली का चौघड़िया

बुधवार, 30 अगस्त 2028, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 30 अगस्त 2028 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (20:47 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (23:03 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:49 पर और सूर्यास्त 18:35 पर है। राहुकाल 12:12 से 13:48 तक है।

दिन और रात
दिन 05:49 – 18:35
रात 05:50 तक
तिथि
एकादशी, 20:47 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 23:03 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:49 – 07:25शुभ
अमृत07:25 – 09:01शुभ
काल09:01 – 10:36टालें
शुभ10:36 – 12:12शुभ
रोग12:12 – 13:48टालें
उद्वेग13:48 – 15:24टालें
चर15:24 – 16:59सामान्य
लाभ16:59 – 18:35शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:35 – 19:59टालें
शुभ19:59 – 21:24शुभ
अमृत21:24 – 22:48शुभ
चर22:48 – 00:12सामान्य
रोग00:12 – 01:37टालें
काल01:37 – 03:01टालें
लाभ03:01 – 04:25शुभ
उद्वेग04:25 – 05:50टालें

30 अगस्त 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 20:47 तक
शुक्ल द्वादशी 22:31, 31 अग॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 01:24, 1 सित॰ तक
योग
आयुष्मान 22:33 तक
सौभाग्य 22:57, 31 अग॰ तक
करण
वणिज 08:05 तक
विष्टि (भद्रा) 20:47 तक
बव 09:36, 31 अग॰ तक
चंद्र राशि
धनु 05:36, 31 अग॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:49
सूर्यास्त
18:35
चंद्रोदय
15:43
चंद्रास्त
01:24
दिनमान
12h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:38 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:12 – 13:48
यमगंड
07:25 – 09:01
गुलिक काल
10:36 – 12:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4906:53दिन
चंद्र06:5307:57दिन
शनि07:5709:01दिन
गुरु09:0110:04दिन
मंगल10:0411:08दिन
सूर्य11:0812:12दिन
शुक्र12:1213:16दिन
बुध13:1614:20दिन
चंद्र14:2015:24दिन
शनि15:2416:27दिन
गुरु16:2717:31दिन
मंगल17:3118:35दिन
सूर्य18:3519:31रात
शुक्र19:3120:27रात
बुध20:2721:24रात
चंद्र21:2422:20रात
शनि22:2023:16रात
गुरु23:1600:12रात
मंगल00:1201:09रात
सूर्य01:0902:05रात
शुक्र02:0503:01रात
बुध03:0103:57रात
चंद्र03:5704:53रात
शनि04:5305:50रात

अयनांश 24.2574° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।