14 सितंबर 2028 को बरेली का चौघड़िया

गुरुवार, 14 सितंबर 2028, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 14 सितंबर 2028 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (15:55 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (01:14, 15 सित॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 13:40 से 15:12 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 18:18
रात 05:57 तक
तिथि
दशमी, 15:55 तक
एकादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 01:14 तक
पुष्य
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:56 – 07:29शुभ
रोग07:29 – 09:02टालें
उद्वेग09:02 – 10:34टालें
चर10:34 – 12:07सामान्य
लाभ12:07 – 13:40शुभ
अमृत13:40 – 15:12शुभ
काल15:12 – 16:45टालें
शुभ16:45 – 18:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:18 – 19:45शुभ
चर19:45 – 21:12सामान्य
रोग21:12 – 22:40टालें
काल22:40 – 00:07टालें
लाभ00:07 – 01:35शुभ
उद्वेग01:35 – 03:02टालें
शुभ03:02 – 04:29शुभ
अमृत04:29 – 05:57शुभ

14 सितंबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 15:55 तक
कृष्ण एकादशी 13:42, 15 सित॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 01:14, 15 सित॰ तक
पुष्य 23:30, 15 सित॰ तक
योग
वरीयान 22:44 तक
परिघअशुभ 19:39, 15 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 15:55 तक
बव 02:54, 15 सित॰ तक
बालव 13:42, 15 सित॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 19:34 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
00:43
चंद्रास्त
14:58
दिनमान
12h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
13:40 – 15:12
यमगंड
05:56 – 07:29
गुलिक काल
09:02 – 10:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5606:58दिन
मंगल06:5808:00दिन
सूर्य08:0009:02दिन
शुक्र09:0210:03दिन
बुध10:0311:05दिन
चंद्र11:0512:07दिन
शनि12:0713:09दिन
गुरु13:0914:11दिन
मंगल14:1115:12दिन
सूर्य15:1216:14दिन
शुक्र16:1417:16दिन
बुध17:1618:18दिन
चंद्र18:1819:16रात
शनि19:1620:14रात
गुरु20:1421:12रात
मंगल21:1222:11रात
सूर्य22:1123:09रात
शुक्र23:0900:07रात
बुध00:0701:06रात
चंद्र01:0602:04रात
शनि02:0403:02रात
गुरु03:0204:00रात
मंगल04:0004:59रात
सूर्य04:5905:57रात

अयनांश 24.2580° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।