4 अक्टूबर 2028 को बरेली का चौघड़िया

बुधवार, 4 अक्टूबर 2028, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 4 अक्टूबर 2028 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (00:04, 5 अक्टू॰ तक), नक्षत्र रेवती (00:28, 5 अक्टू॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:06 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 12:00 से 13:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:06 – 17:54
रात 06:07 तक
तिथि
प्रतिपदा, 00:04 तक
द्वितीया
नक्षत्र
रेवती, 00:28 तक
अश्विनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:06 – 07:35शुभ
अमृत07:35 – 09:03शुभ
काल09:03 – 10:32टालें
शुभ10:32 – 12:00शुभ
रोग12:00 – 13:29टालें
उद्वेग13:29 – 14:57टालें
चर14:57 – 16:26सामान्य
लाभ16:26 – 17:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:54 – 19:26टालें
शुभ19:26 – 20:57शुभ
अमृत20:57 – 22:29शुभ
चर22:29 – 00:00सामान्य
रोग00:00 – 01:32टालें
काल01:32 – 03:04टालें
लाभ03:04 – 04:35शुभ
उद्वेग04:35 – 06:07टालें

4 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 00:04, 5 अक्टू॰ तक
कृष्ण द्वितीया 01:58, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 00:28, 5 अक्टू॰ तक
अश्विनी 02:54, 6 अक्टू॰ तक
योग
ध्रुव 10:03 तक
व्याघातअशुभ 10:37, 5 अक्टू॰ तक
करण
बालव 11:01 तक
कौलव 00:04, 5 अक्टू॰ तक
तैतिल 13:03, 5 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मीन 00:28, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:06
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
17:59
चंद्रास्त
06:30
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:29 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:24 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:00 – 13:29
यमगंड
07:35 – 09:03
गुलिक काल
10:32 – 12:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0607:05दिन
चंद्र07:0508:04दिन
शनि08:0409:03दिन
गुरु09:0310:02दिन
मंगल10:0211:01दिन
सूर्य11:0112:00दिन
शुक्र12:0012:59दिन
बुध12:5913:58दिन
चंद्र13:5814:57दिन
शनि14:5715:56दिन
गुरु15:5616:55दिन
मंगल16:5517:54दिन
सूर्य17:5418:55रात
शुक्र18:5519:56रात
बुध19:5620:57रात
चंद्र20:5721:58रात
शनि21:5822:59रात
गुरु22:5900:00रात
मंगल00:0001:02रात
सूर्य01:0202:03रात
शुक्र02:0303:04रात
बुध03:0404:05रात
चंद्र04:0505:06रात
शनि05:0606:07रात

अयनांश 24.2588° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।