4 नवंबर 2028 को बरेली का चौघड़िया

शनिवार, 4 नवंबर 2028, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 4 नवंबर 2028 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (17:00 तक), नक्षत्र कृत्तिका (12:36 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है। राहुकाल 09:10 से 10:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 17:25
रात 06:26 तक
तिथि
द्वितीया, 17:00 तक
तृतीया
नक्षत्र
कृत्तिका, 12:36 तक
रोहिणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:26 – 07:48टालें
शुभ07:48 – 09:10शुभ
रोग09:10 – 10:33टालें
उद्वेग10:33 – 11:55टालें
चर11:55 – 13:18सामान्य
लाभ13:18 – 14:40शुभ
अमृत14:40 – 16:02शुभ
काल16:02 – 17:25टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:25 – 19:02शुभ
उद्वेग19:02 – 20:40टालें
शुभ20:40 – 22:18शुभ
अमृत22:18 – 23:56शुभ
चर23:56 – 01:33सामान्य
रोग01:33 – 03:11टालें
काल03:11 – 04:49टालें
लाभ04:49 – 06:26शुभ

4 नवंबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 17:00 तक
कृष्ण तृतीया 17:33, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 13:47, 5 नव॰ तक
योग
वरीयान 15:53 तक
परिघअशुभ 15:12, 5 नव॰ तक
करण
गर 17:00 तक
वणिज 05:19, 5 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 17:33, 5 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
18:38
चंद्रास्त
08:08
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
09:10 – 10:33
यमगंड
13:18 – 14:40
गुलिक काल
06:26 – 07:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2607:21दिन
गुरु07:2108:16दिन
मंगल08:1609:10दिन
सूर्य09:1010:05दिन
शुक्र10:0511:00दिन
बुध11:0011:55दिन
चंद्र11:5512:50दिन
शनि12:5013:45दिन
गुरु13:4514:40दिन
मंगल14:4015:35दिन
सूर्य15:3516:30दिन
शुक्र16:3017:25दिन
बुध17:2518:30रात
चंद्र18:3019:35रात
शनि19:3520:40रात
गुरु20:4021:45रात
मंगल21:4522:50रात
सूर्य22:5023:56रात
शुक्र23:5601:01रात
बुध01:0102:06रात
चंद्र02:0603:11रात
शनि03:1104:16रात
गुरु04:1605:21रात
मंगल05:2106:26रात

अयनांश 24.2600° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।