24 दिसंबर 2028 को बरेली का चौघड़िया

रविवार, 24 दिसंबर 2028, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 24 दिसंबर 2028 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (16:30 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (20:04 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 07:01 पर और सूर्यास्त 17:22 पर है। राहुकाल 16:04 से 17:22 तक है।

दिन और रात
दिन 07:01 – 17:22
रात 07:02 तक
तिथि
अष्टमी, 16:30 तक
नवमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 20:04 तक
रेवती
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:01 – 08:19टालें
चर08:19 – 09:36सामान्य
लाभ09:36 – 10:54शुभ
अमृत10:54 – 12:12शुभ
काल12:12 – 13:29टालें
शुभ13:29 – 14:47शुभ
रोग14:47 – 16:04टालें
उद्वेग16:04 – 17:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:22 – 19:04शुभ
अमृत19:04 – 20:47शुभ
चर20:47 – 22:29सामान्य
रोग22:29 – 00:12टालें
काल00:12 – 01:54टालें
लाभ01:54 – 03:37शुभ
उद्वेग03:37 – 05:19टालें
शुभ05:19 – 07:02शुभ

24 दिसंबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 16:30 तक
शुक्ल नवमी 18:54, 25 दिस॰ तक
नक्षत्र
रेवती 22:51, 25 दिस॰ तक
योग
वरीयान 04:01, 25 दिस॰ तक
परिघअशुभ 04:38, 26 दिस॰ तक
करण
बव 16:30 तक
बालव 05:44, 25 दिस॰ तक
कौलव 18:54, 25 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:01
सूर्यास्त
17:22
चंद्रोदय
12:00
चंद्रास्त
00:07
दिनमान
10h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:12 – 06:07
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
16:04 – 17:22
यमगंड
12:12 – 13:29
गुलिक काल
14:47 – 16:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:0107:53दिन
शुक्र07:5308:45दिन
बुध08:4509:36दिन
चंद्र09:3610:28दिन
शनि10:2811:20दिन
गुरु11:2012:12दिन
मंगल12:1213:03दिन
सूर्य13:0313:55दिन
शुक्र13:5514:47दिन
बुध14:4715:38दिन
चंद्र15:3816:30दिन
शनि16:3017:22दिन
गुरु17:2218:30रात
मंगल18:3019:38रात
सूर्य19:3820:47रात
शुक्र20:4721:55रात
बुध21:5523:03रात
चंद्र23:0300:12रात
शनि00:1201:20रात
गुरु01:2002:28रात
मंगल02:2803:37रात
सूर्य03:3704:45रात
शुक्र04:4505:53रात
बुध05:5307:02रात

अयनांश 24.2619° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।