26 दिसंबर 2028 को बरेली का चौघड़िया

मंगलवार, 26 दिसंबर 2028, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 26 दिसंबर 2028 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (20:56 तक), नक्षत्र अश्विनी (01:16, 27 दिस॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 07:02 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है। राहुकाल 14:48 से 16:05 तक है।

दिन और रात
दिन 07:02 – 17:23
रात 07:02 तक
तिथि
दशमी, 20:56 तक
एकादशी
नक्षत्र
अश्विनी, 01:16 तक
भरणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:02 – 08:20टालें
उद्वेग08:20 – 09:37टालें
चर09:37 – 10:55सामान्य
लाभ10:55 – 12:13शुभ
अमृत12:13 – 13:30शुभ
काल13:30 – 14:48टालें
शुभ14:48 – 16:05शुभ
रोग16:05 – 17:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:23 – 19:05टालें
लाभ19:05 – 20:48शुभ
उद्वेग20:48 – 22:30टालें
शुभ22:30 – 00:13शुभ
अमृत00:13 – 01:55शुभ
चर01:55 – 03:38सामान्य
रोग03:38 – 05:20टालें
काल05:20 – 07:02टालें

26 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल दशमी 20:56 तक
शुक्ल एकादशी 22:27, 27 दिस॰ तक
नक्षत्र
अश्विनी 01:16, 27 दिस॰ तक
भरणी 03:11, 28 दिस॰ तक
योग
शिव 04:56, 27 दिस॰ तक
सिद्ध 04:49, 28 दिस॰ तक
करण
तैतिल 07:59 तक
गर 20:56 तक
वणिज 09:46, 27 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
17:23
चंद्रोदय
13:03
चंद्रास्त
01:52
दिनमान
10h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:13 – 06:07
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
14:48 – 16:05
यमगंड
09:37 – 10:55
गुलिक काल
12:13 – 13:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0207:54दिन
सूर्य07:5408:46दिन
शुक्र08:4609:37दिन
बुध09:3710:29दिन
चंद्र10:2911:21दिन
शनि11:2112:13दिन
गुरु12:1313:04दिन
मंगल13:0413:56दिन
सूर्य13:5614:48दिन
शुक्र14:4815:39दिन
बुध15:3916:31दिन
चंद्र16:3117:23दिन
शनि17:2318:31रात
गुरु18:3119:40रात
मंगल19:4020:48रात
सूर्य20:4821:56रात
शुक्र21:5623:04रात
बुध23:0400:13रात
चंद्र00:1301:21रात
शनि01:2102:29रात
गुरु02:2903:38रात
मंगल03:3804:46रात
सूर्य04:4605:54रात
शुक्र05:5407:02रात

अयनांश 24.2620° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।