2 मार्च 2029 को बरेली का चौघड़िया

शुक्रवार, 2 मार्च 2029, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 2 मार्च 2029 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (15:18 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (12:25 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 10:57 से 12:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 18:12
रात 06:35 तक
तिथि
द्वितीया, 15:18 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 12:25 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:36 – 08:03सामान्य
लाभ08:03 – 09:30शुभ
अमृत09:30 – 10:57शुभ
काल10:57 – 12:24टालें
शुभ12:24 – 13:51शुभ
रोग13:51 – 15:18टालें
उद्वेग15:18 – 16:45टालें
चर16:45 – 18:12सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:12 – 19:45टालें
काल19:45 – 21:18टालें
लाभ21:18 – 22:51शुभ
उद्वेग22:51 – 00:24टालें
शुभ00:24 – 01:56शुभ
अमृत01:56 – 03:29शुभ
चर03:29 – 05:02सामान्य
रोग05:02 – 06:35टालें

2 मार्च 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 15:18 तक
कृष्ण तृतीया 11:44, 3 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 09:35, 3 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 15:49 तक
गंडअशुभ 11:41, 3 मार्च तक
करण
गर 15:18 तक
वणिज 01:30, 3 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 11:44, 3 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
20:14
चंद्रास्त
07:15
दिनमान
11h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:46
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
10:57 – 12:24
यमगंड
15:18 – 16:45
गुलिक काल
08:03 – 09:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3607:34दिन
बुध07:3408:32दिन
चंद्र08:3209:30दिन
शनि09:3010:28दिन
गुरु10:2811:26दिन
मंगल11:2612:24दिन
सूर्य12:2413:22दिन
शुक्र13:2214:20दिन
बुध14:2015:18दिन
चंद्र15:1816:16दिन
शनि16:1617:14दिन
गुरु17:1418:12दिन
मंगल18:1219:14रात
सूर्य19:1420:16रात
शुक्र20:1621:18रात
बुध21:1822:20रात
चंद्र22:2023:22रात
शनि23:2200:24रात
गुरु00:2401:25रात
मंगल01:2502:27रात
सूर्य02:2703:29रात
शुक्र03:2904:31रात
बुध04:3105:33रात
चंद्र05:3306:35रात

अयनांश 24.2645° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।