26 सितंबर 2029 को बरेली का चौघड़िया

बुधवार, 26 सितंबर 2029, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 26 सितंबर 2029 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (07:20, 27 सित॰ तक), नक्षत्र भरणी (04:40, 27 सित॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 12:03 से 13:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 18:04
रात 06:03 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
भरणी, 04:40 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:02 – 07:32शुभ
अमृत07:32 – 09:02शुभ
काल09:02 – 10:33टालें
शुभ10:33 – 12:03शुभ
रोग12:03 – 13:33टालें
उद्वेग13:33 – 15:03टालें
चर15:03 – 16:33सामान्य
लाभ16:33 – 18:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:04 – 19:33टालें
शुभ19:33 – 21:03शुभ
अमृत21:03 – 22:33शुभ
चर22:33 – 00:03सामान्य
रोग00:03 – 01:33टालें
काल01:33 – 03:03टालें
लाभ03:03 – 04:33शुभ
उद्वेग04:33 – 06:03टालें

26 सितंबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 07:20, 27 सित॰ तक
नक्षत्र
भरणी 04:40, 27 सित॰ तक
कृत्तिका 07:42, 28 सित॰ तक
योग
हर्षण 04:55, 27 सित॰ तक
वज्रअशुभ 05:53, 28 सित॰ तक
करण
बव 18:02 तक
बालव 07:20, 27 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
19:57
चंद्रास्त
09:03
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:27 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:03 – 13:33
यमगंड
07:32 – 09:02
गुलिक काल
10:33 – 12:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0207:02दिन
चंद्र07:0208:02दिन
शनि08:0209:02दिन
गुरु09:0210:03दिन
मंगल10:0311:03दिन
सूर्य11:0312:03दिन
शुक्र12:0313:03दिन
बुध13:0314:03दिन
चंद्र14:0315:03दिन
शनि15:0316:03दिन
गुरु16:0317:03दिन
मंगल17:0318:04दिन
सूर्य18:0419:03रात
शुक्र19:0320:03रात
बुध20:0321:03रात
चंद्र21:0322:03रात
शनि22:0323:03रात
गुरु23:0300:03रात
मंगल00:0301:03रात
सूर्य01:0302:03रात
शुक्र02:0303:03रात
बुध03:0304:03रात
चंद्र04:0305:03रात
शनि05:0306:03रात

अयनांश 24.2724° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।