18 अक्टूबर 2029 को बरेली का चौघड़िया

गुरुवार, 18 अक्टूबर 2029, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 18 अक्टूबर 2029 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (06:38 तक), नक्षत्र शतभिषा (21:00 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है। राहुकाल 13:22 से 14:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 17:39
रात 06:15 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
शतभिषा, 21:00 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:14 – 07:40शुभ
रोग07:40 – 09:05टालें
उद्वेग09:05 – 10:31टालें
चर10:31 – 11:57सामान्य
लाभ11:57 – 13:22शुभ
अमृत13:22 – 14:48शुभ
काल14:48 – 16:14टालें
शुभ16:14 – 17:39शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:39 – 19:14शुभ
चर19:14 – 20:48सामान्य
रोग20:48 – 22:23टालें
काल22:23 – 23:57टालें
लाभ23:57 – 01:31शुभ
उद्वेग01:31 – 03:06टालें
शुभ03:06 – 04:40शुभ
अमृत04:40 – 06:15शुभ

18 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 06:38 तक
शुक्ल द्वादशी 08:18, 19 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 21:00 तक
पूर्वा भाद्रपद 23:23, 19 अक्टू॰ तक
योग
गंडअशुभ 06:37 तक
वृद्धि 06:51, 19 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:38 तक
बव 19:26 तक
बालव 08:18, 19 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
15:13
चंद्रास्त
02:33
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
13:22 – 14:48
यमगंड
06:14 – 07:40
गुलिक काल
09:05 – 10:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1407:11दिन
मंगल07:1108:08दिन
सूर्य08:0809:05दिन
शुक्र09:0510:03दिन
बुध10:0311:00दिन
चंद्र11:0011:57दिन
शनि11:5712:54दिन
गुरु12:5413:51दिन
मंगल13:5114:48दिन
सूर्य14:4815:45दिन
शुक्र15:4516:42दिन
बुध16:4217:39दिन
चंद्र17:3918:42रात
शनि18:4219:45रात
गुरु19:4520:48रात
मंगल20:4821:51रात
सूर्य21:5122:54रात
शुक्र22:5423:57रात
बुध23:5701:00रात
चंद्र01:0002:03रात
शनि02:0303:06रात
गुरु03:0604:09रात
मंगल04:0905:12रात
सूर्य05:1206:15रात

अयनांश 24.2733° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।