8 सितंबर 2025 को बेलगावी का चौघड़िया

सोमवार, 8 सितंबर 2025, बेलगावी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 8 सितंबर 2025 को बेलगावी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (21:12 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (20:02 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 07:52 से 09:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 18:39
रात 06:19 तक
तिथि
प्रतिपदा, 21:12 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 20:02 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:19 – 07:52शुभ
काल07:52 – 09:24टालें
शुभ09:24 – 10:57शुभ
रोग10:57 – 12:29टालें
उद्वेग12:29 – 14:01टालें
चर14:01 – 15:34सामान्य
लाभ15:34 – 17:06शुभ
अमृत17:06 – 18:39शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:39 – 20:06सामान्य
रोग20:06 – 21:34टालें
काल21:34 – 23:02टालें
लाभ23:02 – 00:29शुभ
उद्वेग00:29 – 01:57टालें
शुभ01:57 – 03:24शुभ
अमृत03:24 – 04:52शुभ
चर04:52 – 06:19सामान्य

8 सितंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 21:12 तक
कृष्ण द्वितीया 18:29, 9 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 18:07, 9 सित॰ तक
योग
धृति 06:30 तक
शूलअशुभ 03:20, 9 सित॰ तक
गंडअशुभ 23:58, 9 सित॰ तक
करण
बालव 10:28 तक
कौलव 21:12 तक
तैतिल 07:52, 9 सित॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 14:29 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
19:09
चंद्रास्त
06:38
दिनमान
12h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
07:52 – 09:24
यमगंड
10:57 – 12:29
गुलिक काल
14:01 – 15:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1907:21दिन
शनि07:2108:23दिन
गुरु08:2309:24दिन
मंगल09:2410:26दिन
सूर्य10:2611:27दिन
शुक्र11:2712:29दिन
बुध12:2913:31दिन
चंद्र13:3114:32दिन
शनि14:3215:34दिन
गुरु15:3416:36दिन
मंगल16:3617:37दिन
सूर्य17:3718:39दिन
शुक्र18:3919:37रात
बुध19:3720:36रात
चंद्र20:3621:34रात
शनि21:3422:32रात
गुरु22:3223:31रात
मंगल23:3100:29रात
सूर्य00:2901:27रात
शुक्र01:2702:26रात
बुध02:2603:24रात
चंद्र03:2404:23रात
शनि04:2305:21रात
गुरु05:2106:19रात

अयनांश 24.2159° (लाहिड़ी)। समय बेलगावी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।