13 जनवरी 2027 को बेंगलुरु का चौघड़िया

बुधवार, 13 जनवरी 2027, बेंगलुरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 13 जनवरी 2027 को बेंगलुरु में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (13:02 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (22:04 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 12:28 से 13:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:45 – 18:11
रात 06:45 तक
तिथि
पंचमी, 13:02 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 22:04 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:45 – 08:10शुभ
अमृत08:10 – 09:36शुभ
काल09:36 – 11:02टालें
शुभ11:02 – 12:28शुभ
रोग12:28 – 13:53टालें
उद्वेग13:53 – 15:19टालें
चर15:19 – 16:45सामान्य
लाभ16:45 – 18:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:11 – 19:45टालें
शुभ19:45 – 21:19शुभ
अमृत21:19 – 22:53शुभ
चर22:53 – 00:28सामान्य
रोग00:28 – 02:02टालें
काल02:02 – 03:36टालें
लाभ03:36 – 05:11शुभ
उद्वेग05:11 – 06:45टालें

13 जनवरी 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 13:02 तक
शुक्ल षष्ठी 13:59, 14 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 23:19, 14 जन॰ तक
योग
वरीयान 17:54 तक
परिघअशुभ 17:22, 14 जन॰ तक
करण
बालव 13:02 तक
कौलव 01:35, 14 जन॰ तक
तैतिल 13:59, 14 जन॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 15:40 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
10:15
चंद्रास्त
22:36
दिनमान
11h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:51 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:28 – 13:53
यमगंड
08:10 – 09:36
गुलिक काल
11:02 – 12:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4507:42दिन
चंद्र07:4208:39दिन
शनि08:3909:36दिन
गुरु09:3610:33दिन
मंगल10:3311:31दिन
सूर्य11:3112:28दिन
शुक्र12:2813:25दिन
बुध13:2514:22दिन
चंद्र14:2215:19दिन
शनि15:1916:16दिन
गुरु16:1617:13दिन
मंगल17:1318:11दिन
सूर्य18:1119:13रात
शुक्र19:1320:16रात
बुध20:1621:19रात
चंद्र21:1922:22रात
शनि22:2223:25रात
गुरु23:2500:28रात
मंगल00:2801:31रात
सूर्य01:3102:33रात
शुक्र02:3303:36रात
बुध03:3604:39रात
चंद्र04:3905:42रात
शनि05:4206:45रात

अयनांश 24.2347° (लाहिड़ी)। समय बेंगलुरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।