17 जुलाई 2027 को बेंगलुरु का चौघड़िया

शनिवार, 17 जुलाई 2027, बेंगलुरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 17 जुलाई 2027 को बेंगलुरु में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (18:48 तक), नक्षत्र मूल (08:21 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 09:13 से 10:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 18:49
रात 06:01 तक
तिथि
चतुर्दशी, 18:48 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जुलाई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:01 – 07:37टालें
शुभ07:37 – 09:13शुभ
रोग09:13 – 10:49टालें
उद्वेग10:49 – 12:25टालें
चर12:25 – 14:01सामान्य
लाभ14:01 – 15:37शुभ
अमृत15:37 – 17:13शुभ
काल17:13 – 18:49टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:49 – 20:13शुभ
उद्वेग20:13 – 21:37टालें
शुभ21:37 – 23:01शुभ
अमृत23:01 – 00:25शुभ
चर00:25 – 01:49सामान्य
रोग01:49 – 03:13टालें
काल03:13 – 04:37टालें
लाभ04:37 – 06:01शुभ

17 जुलाई 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 18:48 तक
पूर्णिमा 21:14, 18 जुल॰ तक
नक्षत्र
मूल 08:21 तक
पूर्वाषाढ़ा 11:18, 18 जुल॰ तक
योग
इंद्र 14:23 तक
वैधृतिअशुभ 15:21, 18 जुल॰ तक
करण
वणिज 18:48 तक
विष्टि (भद्रा) 08:00, 18 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
17:59
चंद्रास्त
04:40
दिनमान
12h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
09:13 – 10:49
यमगंड
14:01 – 15:37
गुलिक काल
06:01 – 07:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0107:05दिन
गुरु07:0508:09दिन
मंगल08:0909:13दिन
सूर्य09:1310:17दिन
शुक्र10:1711:21दिन
बुध11:2112:25दिन
चंद्र12:2513:29दिन
शनि13:2914:33दिन
गुरु14:3315:37दिन
मंगल15:3716:41दिन
सूर्य16:4117:45दिन
शुक्र17:4518:49दिन
बुध18:4919:45रात
चंद्र19:4520:41रात
शनि20:4121:37रात
गुरु21:3722:33रात
मंगल22:3323:29रात
सूर्य23:2900:25रात
शुक्र00:2501:21रात
बुध01:2102:17रात
चंद्र02:1703:13रात
शनि03:1304:09रात
गुरु04:0905:05रात
मंगल05:0506:01रात

अयनांश 24.2418° (लाहिड़ी)। समय बेंगलुरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।