24 अक्टूबर 2025 को ब्रह्मपुर (बरहमपुर) का चौघड़िया

शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2025, ब्रह्मपुर (बरहमपुर), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2025 को ब्रह्मपुर (बरहमपुर) में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (01:20, 25 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (07:51, 25 अक्टू॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 10:08 से 11:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 17:21
रात 05:48 तक
तिथि
तृतीया, 01:20 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:48 – 07:14सामान्य
लाभ07:14 – 08:41शुभ
अमृत08:41 – 10:08शुभ
काल10:08 – 11:34टालें
शुभ11:34 – 13:01शुभ
रोग13:01 – 14:28टालें
उद्वेग14:28 – 15:54टालें
चर15:54 – 17:21सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:21 – 18:54टालें
काल18:54 – 20:28टालें
लाभ20:28 – 22:01शुभ
उद्वेग22:01 – 23:35टालें
शुभ23:35 – 01:08शुभ
अमृत01:08 – 02:41शुभ
चर02:41 – 04:15सामान्य
रोग04:15 – 05:48टालें

24 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 01:20, 25 अक्टू॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 03:48, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 07:51, 25 अक्टू॰ तक
योग
सौभाग्य 05:54, 25 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 12:03 तक
गर 01:20, 25 अक्टू॰ तक
वणिज 14:35, 25 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
08:00
चंद्रास्त
19:04
दिनमान
11h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:58

अशुभ समय

राहुकाल
10:08 – 11:34
यमगंड
14:28 – 15:54
गुलिक काल
07:14 – 08:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4806:45दिन
बुध06:4507:43दिन
चंद्र07:4308:41दिन
शनि08:4109:39दिन
गुरु09:3910:37दिन
मंगल10:3711:34दिन
सूर्य11:3412:32दिन
शुक्र12:3213:30दिन
बुध13:3014:28दिन
चंद्र14:2815:26दिन
शनि15:2616:23दिन
गुरु16:2317:21दिन
मंगल17:2118:23रात
सूर्य18:2319:26रात
शुक्र19:2620:28रात
बुध20:2821:30रात
चंद्र21:3022:32रात
शनि22:3223:35रात
गुरु23:3500:37रात
मंगल00:3701:39रात
सूर्य01:3902:41रात
शुक्र02:4103:44रात
बुध03:4404:46रात
चंद्र04:4605:48रात

अयनांश 24.2176° (लाहिड़ी)। समय ब्रह्मपुर (बरहमपुर) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।