16 अप्रैल 2029 को भावनगर का चौघड़िया

सोमवार, 16 अप्रैल 2029, भावनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 16 अप्रैल 2029 को भावनगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (07:47 तक), नक्षत्र भरणी (08:53 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 19:01 पर है। राहुकाल 07:56 से 09:31 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 19:01
रात 06:20 तक
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
भरणी, 08:53 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:21 – 07:56शुभ
काल07:56 – 09:31टालें
शुभ09:31 – 11:06शुभ
रोग11:06 – 12:41टालें
उद्वेग12:41 – 14:16टालें
चर14:16 – 15:51सामान्य
लाभ15:51 – 17:26शुभ
अमृत17:26 – 19:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:01 – 20:26सामान्य
रोग20:26 – 21:51टालें
काल21:51 – 23:16टालें
लाभ23:16 – 00:40शुभ
उद्वेग00:40 – 02:05टालें
शुभ02:05 – 03:30शुभ
अमृत03:30 – 04:55शुभ
चर04:55 – 06:20सामान्य

16 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 07:47 तक
शुक्ल तृतीया 09:49, 17 अप्रैल तक
नक्षत्र
भरणी 08:53 तक
कृत्तिका 11:26, 17 अप्रैल तक
योग
आयुष्मान 05:29, 17 अप्रैल तक
सौभाग्य 05:51, 18 अप्रैल तक
करण
कौलव 07:47 तक
तैतिल 20:50 तक
गर 09:49, 17 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मेष 15:33 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
19:01
चंद्रोदय
07:34
चंद्रास्त
21:15
दिनमान
12h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
12:15 – 13:06

अशुभ समय

राहुकाल
07:56 – 09:31
यमगंड
11:06 – 12:41
गुलिक काल
14:16 – 15:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2107:24दिन
शनि07:2408:27दिन
गुरु08:2709:31दिन
मंगल09:3110:34दिन
सूर्य10:3411:37दिन
शुक्र11:3712:41दिन
बुध12:4113:44दिन
चंद्र13:4414:48दिन
शनि14:4815:51दिन
गुरु15:5116:54दिन
मंगल16:5417:58दिन
सूर्य17:5819:01दिन
शुक्र19:0119:58रात
बुध19:5820:54रात
चंद्र20:5421:51रात
शनि21:5122:47रात
गुरु22:4723:44रात
मंगल23:4400:40रात
सूर्य00:4001:37रात
शुक्र01:3702:34रात
बुध02:3403:30रात
चंद्र03:3004:27रात
शनि04:2705:23रात
गुरु05:2306:20रात

अयनांश 24.2662° (लाहिड़ी)। समय भावनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।