21 अप्रैल 2029 को भावनगर का चौघड़िया

शनिवार, 21 अप्रैल 2029, भावनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 21 अप्रैल 2029 को भावनगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (13:34 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (17:23 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 19:03 पर है। राहुकाल 09:28 से 11:04 तक है।

दिन और रात
दिन 06:17 – 19:03
रात 06:16 तक
तिथि
सप्तमी, 13:34 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 17:23 तक
पुष्य
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अप्रैल 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:17 – 07:52टालें
शुभ07:52 – 09:28शुभ
रोग09:28 – 11:04टालें
उद्वेग11:04 – 12:40टालें
चर12:40 – 14:15सामान्य
लाभ14:15 – 15:51शुभ
अमृत15:51 – 17:27शुभ
काल17:27 – 19:03टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:03 – 20:27शुभ
उद्वेग20:27 – 21:51टालें
शुभ21:51 – 23:15शुभ
अमृत23:15 – 00:39शुभ
चर00:39 – 02:03सामान्य
रोग02:03 – 03:28टालें
काल03:28 – 04:52टालें
लाभ04:52 – 06:16शुभ

21 अप्रैल 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 13:34 तक
शुक्ल अष्टमी 12:54, 22 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुष्य 17:18, 22 अप्रैल तक
योग
धृति 03:23, 22 अप्रैल तक
शूलअशुभ 01:26, 23 अप्रैल तक
करण
वणिज 13:34 तक
विष्टि (भद्रा) 01:20, 22 अप्रैल तक
बव 12:54, 22 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मिथुन 11:18 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
19:03
चंद्रोदय
11:55
चंद्रास्त
00:39
दिनमान
12h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:47 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:05

अशुभ समय

राहुकाल
09:28 – 11:04
यमगंड
14:15 – 15:51
गुलिक काल
06:17 – 07:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1707:21दिन
गुरु07:2108:24दिन
मंगल08:2409:28दिन
सूर्य09:2810:32दिन
शुक्र10:3211:36दिन
बुध11:3612:40दिन
चंद्र12:4013:44दिन
शनि13:4414:47दिन
गुरु14:4715:51दिन
मंगल15:5116:55दिन
सूर्य16:5517:59दिन
शुक्र17:5919:03दिन
बुध19:0319:59रात
चंद्र19:5920:55रात
शनि20:5521:51रात
गुरु21:5122:47रात
मंगल22:4723:43रात
सूर्य23:4300:39रात
शुक्र00:3901:35रात
बुध01:3502:32रात
चंद्र02:3203:28रात
शनि03:2804:24रात
गुरु04:2405:20रात
मंगल05:2006:16रात

अयनांश 24.2664° (लाहिड़ी)। समय भावनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।