5 अक्टूबर 2027 को भिलाई का चौघड़िया

मंगलवार, 5 अक्टूबर 2027, भिलाई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 5 अक्टूबर 2027 को भिलाई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (02:33, 6 अक्टू॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (02:15, 6 अक्टू॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है। राहुकाल 14:50 से 16:19 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 17:48
रात 05:56 तक
तिथि
षष्ठी, 02:33 तक
सप्तमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 02:15 तक
मूल
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:56 – 07:25टालें
उद्वेग07:25 – 08:54टालें
चर08:54 – 10:23सामान्य
लाभ10:23 – 11:52शुभ
अमृत11:52 – 13:21शुभ
काल13:21 – 14:50टालें
शुभ14:50 – 16:19शुभ
रोग16:19 – 17:48टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:48 – 19:19टालें
लाभ19:19 – 20:50शुभ
उद्वेग20:50 – 22:21टालें
शुभ22:21 – 23:52शुभ
अमृत23:52 – 01:23शुभ
चर01:23 – 02:54सामान्य
रोग02:54 – 04:25टालें
काल04:25 – 05:56टालें

5 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 02:33, 6 अक्टू॰ तक
शुक्ल सप्तमी 04:13, 7 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 02:15, 6 अक्टू॰ तक
मूल 04:28, 7 अक्टू॰ तक
योग
आयुष्मान 11:43 तक
सौभाग्य 11:38, 6 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 13:59 तक
तैतिल 02:33, 6 अक्टू॰ तक
गर 15:18, 6 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 02:15, 6 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
17:48
चंद्रोदय
10:53
चंद्रास्त
21:45
दिनमान
11h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
14:50 – 16:19
यमगंड
08:54 – 10:23
गुलिक काल
11:52 – 13:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5606:55दिन
सूर्य06:5507:55दिन
शुक्र07:5508:54दिन
बुध08:5409:53दिन
चंद्र09:5310:53दिन
शनि10:5311:52दिन
गुरु11:5212:52दिन
मंगल12:5213:51दिन
सूर्य13:5114:50दिन
शुक्र14:5015:50दिन
बुध15:5016:49दिन
चंद्र16:4917:48दिन
शनि17:4818:49रात
गुरु18:4919:50रात
मंगल19:5020:50रात
सूर्य20:5021:51रात
शुक्र21:5122:52रात
बुध22:5223:52रात
चंद्र23:5200:53रात
शनि00:5301:54रात
गुरु01:5402:54रात
मंगल02:5403:55रात
सूर्य03:5504:56रात
शुक्र04:5605:56रात

अयनांश 24.2448° (लाहिड़ी)। समय भिलाई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।