23 मार्च 2026 को बीकानेर का चौघड़िया

सोमवार, 23 मार्च 2026, बीकानेर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 23 मार्च 2026 को बीकानेर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (18:38 तक), नक्षत्र कृत्तिका (20:49 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 08:09 से 09:40 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 18:49
रात 06:36 तक
तिथि
पंचमी, 18:38 तक
षष्ठी
नक्षत्र
कृत्तिका, 20:49 तक
रोहिणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:37 – 08:09शुभ
काल08:09 – 09:40टालें
शुभ09:40 – 11:12शुभ
रोग11:12 – 12:43टालें
उद्वेग12:43 – 14:15टालें
चर14:15 – 15:46सामान्य
लाभ15:46 – 17:18शुभ
अमृत17:18 – 18:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:49 – 20:17सामान्य
रोग20:17 – 21:46टालें
काल21:46 – 23:14टालें
लाभ23:14 – 00:42शुभ
उद्वेग00:42 – 02:11टालें
शुभ02:11 – 03:39शुभ
अमृत03:39 – 05:08शुभ
चर05:08 – 06:36सामान्य

23 मार्च 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 18:38 तक
शुक्ल षष्ठी 16:08, 24 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 19:05, 24 मार्च तक
योग
विष्कंभअशुभ 12:22 तक
प्रीति 09:07, 24 मार्च तक
करण
बव 07:57 तक
बालव 18:38 तक
कौलव 05:22, 24 मार्च तक
तैतिल 16:08, 24 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
09:13
चंद्रास्त
23:44
दिनमान
12h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
12:19 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
08:09 – 09:40
यमगंड
11:12 – 12:43
गुलिक काल
14:15 – 15:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3707:38दिन
शनि07:3808:39दिन
गुरु08:3909:40दिन
मंगल09:4010:41दिन
सूर्य10:4111:42दिन
शुक्र11:4212:43दिन
बुध12:4313:44दिन
चंद्र13:4414:45दिन
शनि14:4515:46दिन
गुरु15:4616:47दिन
मंगल16:4717:48दिन
सूर्य17:4818:49दिन
शुक्र18:4919:48रात
बुध19:4820:47रात
चंद्र20:4721:46रात
शनि21:4622:45रात
गुरु22:4523:44रात
मंगल23:4400:42रात
सूर्य00:4201:41रात
शुक्र01:4102:40रात
बुध02:4003:39रात
चंद्र03:3904:38रात
शनि04:3805:37रात
गुरु05:3706:36रात

अयनांश 24.2234° (लाहिड़ी)। समय बीकानेर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।