बर्मिंघम का आज का चौघड़िया

बुधवार, 14 अक्टूबर 2026, बर्मिंघम, यूनाइटेड किंगडम। समय Europe/London में है।

बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को बर्मिंघम में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (20:43 तक), नक्षत्र अनुराधा (23:33 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:31 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 12:53 से 14:13 तक है।

दिन और रात
दिन 07:31 – 18:15
रात 07:32 तक
तिथि
चतुर्थी, 20:43 तक
पंचमी
नक्षत्र
अनुराधा, 23:33 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:31 – 08:51शुभ
अमृत08:51 – 10:12शुभ
काल10:12 – 11:32टालें
शुभ11:32 – 12:53शुभ
रोग12:53 – 14:13टालें
उद्वेग14:13 – 15:34टालें
चर15:34 – 16:54सामान्य
लाभ16:54 – 18:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:15 – 19:54टालें
शुभ19:54 – 21:34शुभ
अमृत21:34 – 23:14शुभ
चर23:14 – 00:54सामान्य
रोग00:54 – 02:33टालें
काल02:33 – 04:13टालें
लाभ04:13 – 05:53शुभ
उद्वेग05:53 – 07:32टालें

14 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 20:43 तक
शुक्ल पंचमी 22:55, 15 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 02:17, 16 अक्टू॰ तक
योग
आयुष्मान 16:09 तक
सौभाग्य 16:45, 15 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 07:47 तक
विष्टि (भद्रा) 20:43 तक
बव 09:46, 15 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:31
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
12:24
चंद्रास्त
19:14
दिनमान
10h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:45 – 06:38
अभिजीत मुहूर्त
12:31 – 13:14 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:53 – 14:13
यमगंड
08:51 – 10:12
गुलिक काल
11:32 – 12:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:3108:24दिन
चंद्र08:2409:18दिन
शनि09:1810:12दिन
गुरु10:1211:05दिन
मंगल11:0511:59दिन
सूर्य11:5912:53दिन
शुक्र12:5313:46दिन
बुध13:4614:40दिन
चंद्र14:4015:34दिन
शनि15:3416:27दिन
गुरु16:2717:21दिन
मंगल17:2118:15दिन
सूर्य18:1519:21रात
शुक्र19:2120:28रात
बुध20:2821:34रात
चंद्र21:3422:41रात
शनि22:4123:47रात
गुरु23:4700:54रात
मंगल00:5402:00रात
सूर्य02:0003:07रात
शुक्र03:0704:13रात
बुध04:1305:19रात
चंद्र05:1906:26रात
शनि06:2607:32रात

अयनांश 24.2312° (लाहिड़ी)। समय बर्मिंघम (Europe/London) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।