12 सितंबर 2025 को बोकारो का चौघड़िया

शुक्रवार, 12 सितंबर 2025, बोकारो, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 12 सितंबर 2025 को बोकारो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (09:59 तक), नक्षत्र भरणी (11:58 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:30 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 10:08 से 11:41 तक है।

दिन और रात
दिन 05:30 – 17:52
रात 05:31 तक
तिथि
पंचमी, 09:59 तक
षष्ठी
नक्षत्र
भरणी, 11:58 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:30 – 07:03सामान्य
लाभ07:03 – 08:36शुभ
अमृत08:36 – 10:08शुभ
काल10:08 – 11:41टालें
शुभ11:41 – 13:14शुभ
रोग13:14 – 14:46टालें
उद्वेग14:46 – 16:19टालें
चर16:19 – 17:52सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:52 – 19:19टालें
काल19:19 – 20:46टालें
लाभ20:46 – 22:14शुभ
उद्वेग22:14 – 23:41टालें
शुभ23:41 – 01:09शुभ
अमृत01:09 – 02:36शुभ
चर02:36 – 04:03सामान्य
रोग04:03 – 05:31टालें

12 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 09:59 तक
कृष्ण षष्ठी 07:23, 13 सित॰ तक
नक्षत्र
भरणी 11:58 तक
कृत्तिका 10:11, 13 सित॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 13:43 तक
हर्षण 10:32, 13 सित॰ तक
करण
तैतिल 09:59 तक
गर 20:39 तक
वणिज 07:23, 13 सित॰ तक
चंद्र राशि
मेष 17:30 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
21:04
चंद्रास्त
10:03
दिनमान
12h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:16 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
10:08 – 11:41
यमगंड
14:46 – 16:19
गुलिक काल
07:03 – 08:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3006:32दिन
बुध06:3207:34दिन
चंद्र07:3408:36दिन
शनि08:3609:37दिन
गुरु09:3710:39दिन
मंगल10:3911:41दिन
सूर्य11:4112:43दिन
शुक्र12:4313:45दिन
बुध13:4514:46दिन
चंद्र14:4615:48दिन
शनि15:4816:50दिन
गुरु16:5017:52दिन
मंगल17:5218:50रात
सूर्य18:5019:48रात
शुक्र19:4820:46रात
बुध20:4621:45रात
चंद्र21:4522:43रात
शनि22:4323:41रात
गुरु23:4100:39रात
मंगल00:3901:38रात
सूर्य01:3802:36रात
शुक्र02:3603:34रात
बुध03:3404:32रात
चंद्र04:3205:31रात

अयनांश 24.2160° (लाहिड़ी)। समय बोकारो (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।