14 जनवरी 2000 को चेन्नई का चौघड़िया

शुक्रवार, 14 जनवरी 2000, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 14 जनवरी 2000 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (07:33 तक), नक्षत्र रेवती (19:21 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 10:52 से 12:17 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 18:00
रात 06:35 तक
तिथि
अष्टमी, 06:25 तक
नक्षत्र
रेवती, 19:21 तक
अश्विनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जनवरी 2000 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:34 – 08:00सामान्य
लाभ08:00 – 09:26शुभ
अमृत09:26 – 10:52शुभ
काल10:52 – 12:17टालें
शुभ12:17 – 13:43शुभ
रोग13:43 – 15:09टालें
उद्वेग15:09 – 16:34टालें
चर16:34 – 18:00सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:00 – 19:34टालें
काल19:34 – 21:09टालें
लाभ21:09 – 22:43शुभ
उद्वेग22:43 – 00:17टालें
शुभ00:17 – 01:52शुभ
अमृत01:52 – 03:26शुभ
चर03:26 – 05:00सामान्य
रोग05:00 – 06:35टालें

14 जनवरी 2000 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 07:33 तक
शुक्ल अष्टमी 06:25, 15 जन॰ तक
शुक्ल नवमी 04:40, 16 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 19:21 तक
अश्विनी 18:33, 15 जन॰ तक
योग
शिव 14:08 तक
सिद्ध 11:52, 15 जन॰ तक
करण
वणिज 07:33 तक
विष्टि (भद्रा) 19:04 तक
बव 06:25, 15 जन॰ तक
बालव 17:37, 15 जन॰ तक
चंद्र राशि
मीन 19:21 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
11:54
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2056
शक संवत
1921, प्रमाथी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
10:52 – 12:17
यमगंड
15:09 – 16:34
गुलिक काल
08:00 – 09:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3407:32दिन
बुध07:3208:29दिन
चंद्र08:2909:26दिन
शनि09:2610:23दिन
गुरु10:2311:20दिन
मंगल11:2012:17दिन
सूर्य12:1713:14दिन
शुक्र13:1414:12दिन
बुध14:1215:09दिन
चंद्र15:0916:06दिन
शनि16:0617:03दिन
गुरु17:0318:00दिन
मंगल18:0019:03रात
सूर्य19:0320:06रात
शुक्र20:0621:09रात
बुध21:0922:12रात
चंद्र22:1223:14रात
शनि23:1400:17रात
गुरु00:1701:20रात
मंगल01:2002:23रात
सूर्य02:2303:26रात
शुक्र03:2604:29रात
बुध04:2905:32रात
चंद्र05:3206:35रात

अयनांश 23.8575° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।