11 जनवरी 2002 को चेन्नई का चौघड़िया

शुक्रवार, 11 जनवरी 2002, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 11 जनवरी 2002 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (17:19 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (11:20 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 10:51 से 12:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 17:59
रात 06:34 तक
तिथि
त्रयोदशी, 17:19 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 11:20 तक
मूल
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:34 – 07:59सामान्य
लाभ07:59 – 09:25शुभ
अमृत09:25 – 10:51शुभ
काल10:51 – 12:16टालें
शुभ12:16 – 13:42शुभ
रोग13:42 – 15:07टालें
उद्वेग15:07 – 16:33टालें
चर16:33 – 17:59सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:59 – 19:33टालें
काल19:33 – 21:08टालें
लाभ21:08 – 22:42शुभ
उद्वेग22:42 – 00:16टालें
शुभ00:16 – 01:51शुभ
अमृत01:51 – 03:25शुभ
चर03:25 – 05:00सामान्य
रोग05:00 – 06:34टालें

11 जनवरी 2002 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 17:19 तक
कृष्ण चतुर्दशी 17:56, 12 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 12:24, 12 जन॰ तक
योग
वृद्धि 10:52 तक
ध्रुव 10:03, 12 जन॰ तक
करण
वणिज 17:19 तक
विष्टि (भद्रा) 05:34, 12 जन॰ तक
शकुनि 17:56, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
04:27
चंद्रास्त
16:06
दिनमान
11h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2058
शक संवत
1923, वृष संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:39

अशुभ समय

राहुकाल
10:51 – 12:16
यमगंड
15:07 – 16:33
गुलिक काल
07:59 – 09:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3407:31दिन
बुध07:3108:28दिन
चंद्र08:2809:25दिन
शनि09:2510:22दिन
गुरु10:2211:19दिन
मंगल11:1912:16दिन
सूर्य12:1613:13दिन
शुक्र13:1314:10दिन
बुध14:1015:07दिन
चंद्र15:0716:05दिन
शनि16:0517:02दिन
गुरु17:0217:59दिन
मंगल17:5919:02रात
सूर्य19:0220:05रात
शुक्र20:0521:08रात
बुध21:0822:10रात
चंद्र22:1023:13रात
शनि23:1300:16रात
गुरु00:1601:19रात
मंगल01:1902:22रात
सूर्य02:2203:25रात
शुक्र03:2504:28रात
बुध04:2805:31रात
चंद्र05:3106:34रात

अयनांश 23.8854° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।