2 फ़रवरी 2004 को चेन्नई का चौघड़िया

सोमवार, 2 फ़रवरी 2004, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 2 फ़रवरी 2004 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (08:43 तक), नक्षत्र मृगशिरा (20:42 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 08:02 से 09:28 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 18:09
रात 06:35 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 20:42 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 फ़रवरी 2004 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:35 – 08:02शुभ
काल08:02 – 09:28टालें
शुभ09:28 – 10:55शुभ
रोग10:55 – 12:22टालें
उद्वेग12:22 – 13:49टालें
चर13:49 – 15:16सामान्य
लाभ15:16 – 16:43शुभ
अमृत16:43 – 18:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:09 – 19:43सामान्य
रोग19:43 – 21:16टालें
काल21:16 – 22:49टालें
लाभ22:49 – 00:22शुभ
उद्वेग00:22 – 01:55टालें
शुभ01:55 – 03:28शुभ
अमृत03:28 – 05:01शुभ
चर05:01 – 06:35सामान्य

2 फ़रवरी 2004 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 08:43 तक
शुक्ल द्वादशी 10:53, 3 फ़र॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 23:07, 3 फ़र॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 04:18, 3 फ़र॰ तक
विष्कंभअशुभ 04:35, 4 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:43 तक
बव 21:52 तक
बालव 10:53, 3 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 07:20 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
14:44
चंद्रास्त
03:12
दिनमान
11h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925, स्वभानु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
08:02 – 09:28
यमगंड
10:55 – 12:22
गुलिक काल
13:49 – 15:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3507:33दिन
शनि07:3308:31दिन
गुरु08:3109:28दिन
मंगल09:2810:26दिन
सूर्य10:2611:24दिन
शुक्र11:2412:22दिन
बुध12:2213:20दिन
चंद्र13:2014:18दिन
शनि14:1815:16दिन
गुरु15:1616:14दिन
मंगल16:1417:12दिन
सूर्य17:1218:09दिन
शुक्र18:0919:12रात
बुध19:1220:14रात
चंद्र20:1421:16रात
शनि21:1622:18रात
गुरु22:1823:20रात
मंगल23:2000:22रात
सूर्य00:2201:24रात
शुक्र01:2402:26रात
बुध02:2603:28रात
चंद्र03:2804:30रात
शनि04:3005:33रात
गुरु05:3306:35रात

अयनांश 23.9141° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।