5 जनवरी 2011 को चेन्नई का चौघड़िया

बुधवार, 5 जनवरी 2011, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 5 जनवरी 2011 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (15:17 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (05:22, 6 जन॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 12:14 से 13:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 17:55
रात 06:32 तक
तिथि
प्रतिपदा, 15:17 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 05:22 तक
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 जनवरी 2011 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:32 – 07:57शुभ
अमृत07:57 – 09:23शुभ
काल09:23 – 10:48टालें
शुभ10:48 – 12:14शुभ
रोग12:14 – 13:39टालें
उद्वेग13:39 – 15:04टालें
चर15:04 – 16:30सामान्य
लाभ16:30 – 17:55शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:55 – 19:30टालें
शुभ19:30 – 21:04शुभ
अमृत21:04 – 22:39शुभ
चर22:39 – 00:14सामान्य
रोग00:14 – 01:48टालें
काल01:48 – 03:23टालें
लाभ03:23 – 04:58शुभ
उद्वेग04:58 – 06:32टालें

5 जनवरी 2011 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 15:17 तक
शुक्ल द्वितीया 16:32, 6 जन॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 05:22, 6 जन॰ तक
श्रवण 07:22, 7 जन॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 15:14 तक
हर्षण 15:01, 6 जन॰ तक
करण
बव 15:17 तक
बालव 03:51, 6 जन॰ तक
कौलव 16:32, 6 जन॰ तक
चंद्र राशि
धनु 10:10 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
07:06
चंद्रास्त
18:52
दिनमान
11h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2067
शक संवत
1932, विकृति संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:36 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:14 – 13:39
यमगंड
07:57 – 09:23
गुलिक काल
10:48 – 12:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3207:29दिन
चंद्र07:2908:26दिन
शनि08:2609:23दिन
गुरु09:2310:20दिन
मंगल10:2011:17दिन
सूर्य11:1712:14दिन
शुक्र12:1413:11दिन
बुध13:1114:07दिन
चंद्र14:0715:04दिन
शनि15:0416:01दिन
गुरु16:0116:58दिन
मंगल16:5817:55दिन
सूर्य17:5518:58रात
शुक्र18:5820:01रात
बुध20:0121:04रात
चंद्र21:0422:08रात
शनि22:0823:11रात
गुरु23:1100:14रात
मंगल00:1401:17रात
सूर्य01:1702:20रात
शुक्र02:2003:23रात
बुध03:2304:26रात
चंद्र04:2605:29रात
शनि05:2906:32रात

अयनांश 24.0109° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।