31 दिसंबर 2011 को चेन्नई का चौघड़िया

शनिवार, 31 दिसंबर 2011, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 31 दिसंबर 2011 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (22:36 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (10:04 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 09:21 से 10:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 17:52
रात 06:30 तक
तिथि
सप्तमी, 22:36 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 दिसंबर 2011 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:30 – 07:55टालें
शुभ07:55 – 09:21शुभ
रोग09:21 – 10:46टालें
उद्वेग10:46 – 12:11टालें
चर12:11 – 13:36सामान्य
लाभ13:36 – 15:02शुभ
अमृत15:02 – 16:27शुभ
काल16:27 – 17:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:52 – 19:27शुभ
उद्वेग19:27 – 21:02टालें
शुभ21:02 – 22:37शुभ
अमृत22:37 – 00:11शुभ
चर00:11 – 01:46सामान्य
रोग01:46 – 03:21टालें
काल03:21 – 04:56टालें
लाभ04:56 – 06:30शुभ

31 दिसंबर 2011 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 22:36 तक
शुक्ल अष्टमी 00:58, 2 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
व्यतीपातअशुभ 06:50 तक
वरीयान 07:19, 1 जन॰ तक
करण
गर 09:34 तक
वणिज 22:36 तक
विष्टि (भद्रा) 11:44, 1 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
11:12
चंद्रास्त
23:42
दिनमान
11h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2068
शक संवत
1933, खर संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
09:21 – 10:46
यमगंड
13:36 – 15:02
गुलिक काल
06:30 – 07:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3007:27दिन
गुरु07:2708:24दिन
मंगल08:2409:21दिन
सूर्य09:2110:17दिन
शुक्र10:1711:14दिन
बुध11:1412:11दिन
चंद्र12:1113:08दिन
शनि13:0814:05दिन
गुरु14:0515:02दिन
मंगल15:0215:59दिन
सूर्य15:5916:55दिन
शुक्र16:5517:52दिन
बुध17:5218:55रात
चंद्र18:5519:59रात
शनि19:5921:02रात
गुरु21:0222:05रात
मंगल22:0523:08रात
सूर्य23:0800:11रात
शुक्र00:1101:15रात
बुध01:1502:18रात
चंद्र02:1803:21रात
शनि03:2104:24रात
गुरु04:2405:27रात
मंगल05:2706:30रात

अयनांश 24.0246° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।