30 दिसंबर 2011 को चेन्नई का चौघड़िया

शुक्रवार, 30 दिसंबर 2011, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 30 दिसंबर 2011 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (20:41 तक), नक्षत्र शतभिषा (07:59 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 10:45 से 12:11 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 17:52
रात 06:30 तक
तिथि
षष्ठी, 20:41 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 दिसंबर 2011 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:30 – 07:55सामान्य
लाभ07:55 – 09:20शुभ
अमृत09:20 – 10:45शुभ
काल10:45 – 12:11टालें
शुभ12:11 – 13:36शुभ
रोग13:36 – 15:01टालें
उद्वेग15:01 – 16:26टालें
चर16:26 – 17:52सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:52 – 19:26टालें
काल19:26 – 21:01टालें
लाभ21:01 – 22:36शुभ
उद्वेग22:36 – 00:11टालें
शुभ00:11 – 01:46शुभ
अमृत01:46 – 03:20शुभ
चर03:20 – 04:55सामान्य
रोग04:55 – 06:30टालें

30 दिसंबर 2011 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 20:41 तक
शुक्ल सप्तमी 22:36, 31 दिस॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 07:59 तक
पूर्वा भाद्रपद 10:04, 31 दिस॰ तक
योग
सिद्धि 06:48 तक
व्यतीपातअशुभ 06:50, 31 दिस॰ तक
करण
कौलव 07:58 तक
तैतिल 20:41 तक
गर 09:34, 31 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 03:29, 31 दिस॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
10:35
चंद्रास्त
22:55
दिनमान
11h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2068
शक संवत
1933, खर संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
10:45 – 12:11
यमगंड
15:01 – 16:26
गुलिक काल
07:55 – 09:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3007:27दिन
बुध07:2708:23दिन
चंद्र08:2309:20दिन
शनि09:2010:17दिन
गुरु10:1711:14दिन
मंगल11:1412:11दिन
सूर्य12:1113:08दिन
शुक्र13:0814:04दिन
बुध14:0415:01दिन
चंद्र15:0115:58दिन
शनि15:5816:55दिन
गुरु16:5517:52दिन
मंगल17:5218:55रात
सूर्य18:5519:58रात
शुक्र19:5821:01रात
बुध21:0122:04रात
चंद्र22:0423:08रात
शनि23:0800:11रात
गुरु00:1101:14रात
मंगल01:1402:17रात
सूर्य02:1703:20रात
शुक्र03:2004:24रात
बुध04:2405:27रात
चंद्र05:2706:30रात

अयनांश 24.0246° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।