11 अप्रैल 2025 को चेन्नई का चौघड़िया

शुक्रवार, 11 अप्रैल 2025, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 11 अप्रैल 2025 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (03:22, 12 अप्रैल तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (15:10 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 10:37 से 12:10 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 18:21
रात 05:58 तक
तिथि
चतुर्दशी, 03:22 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 15:10 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:58 – 07:31सामान्य
लाभ07:31 – 09:04शुभ
अमृत09:04 – 10:37शुभ
काल10:37 – 12:10टालें
शुभ12:10 – 13:42शुभ
रोग13:42 – 15:15टालें
उद्वेग15:15 – 16:48टालें
चर16:48 – 18:21सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:21 – 19:48टालें
काल19:48 – 21:15टालें
लाभ21:15 – 22:42शुभ
उद्वेग22:42 – 00:09टालें
शुभ00:09 – 01:36शुभ
अमृत01:36 – 03:03शुभ
चर03:03 – 04:31सामान्य
रोग04:31 – 05:58टालें

11 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 03:22, 12 अप्रैल तक
पूर्णिमा 05:52, 13 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 18:07, 12 अप्रैल तक
योग
ध्रुव 19:45 तक
व्याघातअशुभ 20:40, 12 अप्रैल तक
करण
गर 14:10 तक
वणिज 03:22, 12 अप्रैल तक
विष्टि (भद्रा) 16:36, 12 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
17:09
चंद्रास्त
04:47
दिनमान
12h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:25 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
10:37 – 12:10
यमगंड
15:15 – 16:48
गुलिक काल
07:31 – 09:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5807:00दिन
बुध07:0008:02दिन
चंद्र08:0209:04दिन
शनि09:0410:06दिन
गुरु10:0611:08दिन
मंगल11:0812:10दिन
सूर्य12:1013:11दिन
शुक्र13:1114:13दिन
बुध14:1315:15दिन
चंद्र15:1516:17दिन
शनि16:1717:19दिन
गुरु17:1918:21दिन
मंगल18:2119:19रात
सूर्य19:1920:17रात
शुक्र20:1721:15रात
बुध21:1522:13रात
चंद्र22:1323:11रात
शनि23:1100:09रात
गुरु00:0901:07रात
मंगल01:0702:05रात
सूर्य02:0503:03रात
शुक्र03:0304:01रात
बुध04:0105:00रात
चंद्र05:0005:58रात

अयनांश 24.2101° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।