16 जून 2026 को चेन्नई का चौघड़िया

मंगलवार, 16 जून 2026, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 16 जून 2026 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (00:52, 17 जून तक), नक्षत्र आर्द्रा (16:12 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 15:23 से 16:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 18:36
रात 05:42 तक
तिथि
द्वितीया, 00:52 तक
तृतीया
नक्षत्र
आर्द्रा, 16:12 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 जून 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:42 – 07:19टालें
उद्वेग07:19 – 08:56टालें
चर08:56 – 10:32सामान्य
लाभ10:32 – 12:09शुभ
अमृत12:09 – 13:46शुभ
काल13:46 – 15:23टालें
शुभ15:23 – 16:59शुभ
रोग16:59 – 18:36टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:36 – 19:59टालें
लाभ19:59 – 21:23शुभ
उद्वेग21:23 – 22:46टालें
शुभ22:46 – 00:09शुभ
अमृत00:09 – 01:33शुभ
चर01:33 – 02:56सामान्य
रोग02:56 – 04:19टालें
काल04:19 – 05:42टालें

16 जून 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 00:52, 17 जून तक
शुक्ल तृतीया 21:39, 17 जून तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 13:37, 17 जून तक
योग
वृद्धि 00:34, 17 जून तक
ध्रुव 20:51, 17 जून तक
करण
बालव 14:39 तक
कौलव 00:52, 17 जून तक
तैतिल 11:12, 17 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
06:41
चंद्रास्त
20:09
दिनमान
12h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
15:23 – 16:59
यमगंड
08:56 – 10:32
गुलिक काल
12:09 – 13:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4206:47दिन
सूर्य06:4707:51दिन
शुक्र07:5108:56दिन
बुध08:5610:00दिन
चंद्र10:0011:05दिन
शनि11:0512:09दिन
गुरु12:0913:14दिन
मंगल13:1414:18दिन
सूर्य14:1815:23दिन
शुक्र15:2316:27दिन
बुध16:2717:31दिन
चंद्र17:3118:36दिन
शनि18:3619:31रात
गुरु19:3120:27रात
मंगल20:2721:23रात
सूर्य21:2322:18रात
शुक्र22:1823:14रात
बुध23:1400:09रात
चंद्र00:0901:05रात
शनि01:0502:00रात
गुरु02:0002:56रात
मंगल02:5603:51रात
सूर्य03:5104:47रात
शुक्र04:4705:42रात

अयनांश 24.2266° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।