17 जून 2026 को चेन्नई का चौघड़िया

बुधवार, 17 जून 2026, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 17 जून 2026 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (21:39 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (13:37 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 12:09 से 13:46 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 18:36
रात 05:43 तक
तिथि
तृतीया, 21:39 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 13:37 तक
पुष्य
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जून 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:42 – 07:19शुभ
अमृत07:19 – 08:56शुभ
काल08:56 – 10:33टालें
शुभ10:33 – 12:09शुभ
रोग12:09 – 13:46टालें
उद्वेग13:46 – 15:23टालें
चर15:23 – 16:59सामान्य
लाभ16:59 – 18:36शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:36 – 19:59टालें
शुभ19:59 – 21:23शुभ
अमृत21:23 – 22:46शुभ
चर22:46 – 00:09सामान्य
रोग00:09 – 01:33टालें
काल01:33 – 02:56टालें
लाभ02:56 – 04:19शुभ
उद्वेग04:19 – 05:43टालें

17 जून 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 21:39 तक
शुक्ल चतुर्थी 18:59, 18 जून तक
नक्षत्र
पुष्य 11:32, 18 जून तक
योग
ध्रुव 20:51 तक
व्याघातअशुभ 17:35, 18 जून तक
करण
तैतिल 11:12 तक
गर 21:39 तक
वणिज 08:14, 18 जून तक
चंद्र राशि
मिथुन 08:13 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
07:49
चंद्रास्त
21:06
दिनमान
12h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:44 – 12:35 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:09 – 13:46
यमगंड
07:19 – 08:56
गुलिक काल
10:33 – 12:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4206:47दिन
चंद्र06:4707:51दिन
शनि07:5108:56दिन
गुरु08:5610:00दिन
मंगल10:0011:05दिन
सूर्य11:0512:09दिन
शुक्र12:0913:14दिन
बुध13:1414:18दिन
चंद्र14:1815:23दिन
शनि15:2316:27दिन
गुरु16:2717:32दिन
मंगल17:3218:36दिन
सूर्य18:3619:32रात
शुक्र19:3220:27रात
बुध20:2721:23रात
चंद्र21:2322:18रात
शनि22:1823:14रात
गुरु23:1400:09रात
मंगल00:0901:05रात
सूर्य01:0502:00रात
शुक्र02:0002:56रात
बुध02:5603:52रात
चंद्र03:5204:47रात
शनि04:4705:43रात

अयनांश 24.2267° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।