2 जून 2027 को चेन्नई का चौघड़िया

बुधवार, 2 जून 2027, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 2 जून 2027 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (08:29 तक), नक्षत्र अश्विनी (12:16 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 12:06 से 13:43 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 18:32
रात 05:41 तक
तिथि
त्रयोदशी
नक्षत्र
अश्विनी, 12:16 तक
भरणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 जून 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:41 – 07:17शुभ
अमृत07:17 – 08:54शुभ
काल08:54 – 10:30टालें
शुभ10:30 – 12:06शुभ
रोग12:06 – 13:43टालें
उद्वेग13:43 – 15:19टालें
चर15:19 – 16:55सामान्य
लाभ16:55 – 18:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:32 – 19:55टालें
शुभ19:55 – 21:19शुभ
अमृत21:19 – 22:43शुभ
चर22:43 – 00:06सामान्य
रोग00:06 – 01:30टालें
काल01:30 – 02:54टालें
लाभ02:54 – 04:17शुभ
उद्वेग04:17 – 05:41टालें

2 जून 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 08:29 तक
कृष्ण त्रयोदशी 06:35, 3 जून तक
नक्षत्र
भरणी 11:02, 3 जून तक
योग
शोभन 21:59 तक
अतिगंडअशुभ 19:05, 3 जून तक
करण
तैतिल 08:29 तक
गर 19:37 तक
वणिज 06:35, 3 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
03:06
चंद्रास्त
16:07
दिनमान
12h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:32 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:06 – 13:43
यमगंड
07:17 – 08:54
गुलिक काल
10:30 – 12:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4106:45दिन
चंद्र06:4507:49दिन
शनि07:4908:54दिन
गुरु08:5409:58दिन
मंगल09:5811:02दिन
सूर्य11:0212:06दिन
शुक्र12:0613:11दिन
बुध13:1114:15दिन
चंद्र14:1515:19दिन
शनि15:1916:23दिन
गुरु16:2317:28दिन
मंगल17:2818:32दिन
सूर्य18:3219:28रात
शुक्र19:2820:23रात
बुध20:2321:19रात
चंद्र21:1922:15रात
शनि22:1523:11रात
गुरु23:1100:06रात
मंगल00:0601:02रात
सूर्य01:0201:58रात
शुक्र01:5802:54रात
बुध02:5403:49रात
चंद्र03:4904:45रात
शनि04:4505:41रात

अयनांश 24.2400° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।