17 जनवरी 2030 को चेन्नई का चौघड़िया

गुरुवार, 17 जनवरी 2030, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 17 जनवरी 2030 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (20:05 तक), नक्षत्र मृगशिरा (15:06 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 13:44 से 15:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 18:02
रात 06:35 तक
तिथि
त्रयोदशी, 20:05 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 15:06 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जनवरी 2030 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:35 – 08:01शुभ
रोग08:01 – 09:27टालें
उद्वेग09:27 – 10:53टालें
चर10:53 – 12:18सामान्य
लाभ12:18 – 13:44शुभ
अमृत13:44 – 15:10शुभ
काल15:10 – 16:36टालें
शुभ16:36 – 18:02शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:02 – 19:36शुभ
चर19:36 – 21:10सामान्य
रोग21:10 – 22:44टालें
काल22:44 – 00:19टालें
लाभ00:19 – 01:53शुभ
उद्वेग01:53 – 03:27टालें
शुभ03:27 – 05:01शुभ
अमृत05:01 – 06:35शुभ

17 जनवरी 2030 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 20:05 तक
शुक्ल चतुर्दशी 21:02, 18 जन॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 16:41, 18 जन॰ तक
योग
इंद्र 03:31, 18 जन॰ तक
वैधृतिअशुभ 02:58, 19 जन॰ तक
करण
कौलव 07:24 तक
तैतिल 20:05 तक
गर 08:38, 18 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
16:05
चंद्रास्त
04:26
दिनमान
11h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
13:44 – 15:10
यमगंड
06:35 – 08:01
गुलिक काल
09:27 – 10:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3507:32दिन
मंगल07:3208:29दिन
सूर्य08:2909:27दिन
शुक्र09:2710:24दिन
बुध10:2411:21दिन
चंद्र11:2112:18दिन
शनि12:1813:16दिन
गुरु13:1614:13दिन
मंगल14:1315:10दिन
सूर्य15:1016:08दिन
शुक्र16:0817:05दिन
बुध17:0518:02दिन
चंद्र18:0219:05रात
शनि19:0520:08रात
गुरु20:0821:10रात
मंगल21:1022:13रात
सूर्य22:1323:16रात
शुक्र23:1600:19रात
बुध00:1901:21रात
चंद्र01:2102:24रात
शनि02:2403:27रात
गुरु03:2704:30रात
मंगल04:3005:32रात
सूर्य05:3206:35रात

अयनांश 24.2768° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।