29 अक्टूबर 2025 को कूचबिहार का चौघड़िया

बुधवार, 29 अक्टूबर 2025, कूचबिहार, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 29 अक्टूबर 2025 को कूचबिहार में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (09:23 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (17:30 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 16:52 पर है। राहुकाल 11:15 से 12:39 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 16:52
रात 05:39 तक
तिथि
सप्तमी, 09:23 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 17:30 तक
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:39 – 07:03शुभ
अमृत07:03 – 08:27शुभ
काल08:27 – 09:51टालें
शुभ09:51 – 11:15शुभ
रोग11:15 – 12:39टालें
उद्वेग12:39 – 14:04टालें
चर14:04 – 15:28सामान्य
लाभ15:28 – 16:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:52 – 18:28टालें
शुभ18:28 – 20:04शुभ
अमृत20:04 – 21:40शुभ
चर21:40 – 23:16सामान्य
रोग23:16 – 00:52टालें
काल00:52 – 02:28टालें
लाभ02:28 – 04:03शुभ
उद्वेग04:03 – 05:39टालें

29 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 09:23 तक
शुक्ल अष्टमी 10:07, 30 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 18:33, 30 अक्टू॰ तक
योग
धृति 07:51 तक
शूलअशुभ 07:20, 30 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 09:23 तक
विष्टि (भद्रा) 21:50 तक
बव 10:07, 30 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
16:52
चंद्रोदय
12:09
चंद्रास्त
22:54
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
10:53 – 11:38 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:15 – 12:39
यमगंड
07:03 – 08:27
गुलिक काल
09:51 – 11:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3906:35दिन
चंद्र06:3507:31दिन
शनि07:3108:27दिन
गुरु08:2709:23दिन
मंगल09:2310:19दिन
सूर्य10:1911:15दिन
शुक्र11:1512:11दिन
बुध12:1113:07दिन
चंद्र13:0714:04दिन
शनि14:0415:00दिन
गुरु15:0015:56दिन
मंगल15:5616:52दिन
सूर्य16:5217:56रात
शुक्र17:5619:00रात
बुध19:0020:04रात
चंद्र20:0421:08रात
शनि21:0822:12रात
गुरु22:1223:16रात
मंगल23:1600:20रात
सूर्य00:2001:24रात
शुक्र01:2402:28रात
बुध02:2803:32रात
चंद्र03:3204:35रात
शनि04:3505:39रात

अयनांश 24.2178° (लाहिड़ी)। समय कूचबिहार (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।