28 सितंबर 2025 को कटक का चौघड़िया

रविवार, 28 सितंबर 2025, कटक, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 28 सितंबर 2025 को कटक में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (14:27 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (03:55, 29 सित॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:36 पर और सूर्यास्त 17:37 पर है। राहुकाल 16:07 से 17:37 तक है।

दिन और रात
दिन 05:36 – 17:37
रात 05:36 तक
तिथि
षष्ठी, 14:27 तक
सप्तमी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 03:55 तक
मूल
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:36 – 07:06टालें
चर07:06 – 08:36सामान्य
लाभ08:36 – 10:06शुभ
अमृत10:06 – 11:36शुभ
काल11:36 – 13:07टालें
शुभ13:07 – 14:37शुभ
रोग14:37 – 16:07टालें
उद्वेग16:07 – 17:37टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:37 – 19:07शुभ
अमृत19:07 – 20:37शुभ
चर20:37 – 22:07सामान्य
रोग22:07 – 23:37टालें
काल23:37 – 01:07टालें
लाभ01:07 – 02:37शुभ
उद्वेग02:37 – 04:07टालें
शुभ04:07 – 05:36शुभ

28 सितंबर 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 14:27 तक
शुक्ल सप्तमी 16:32, 29 सित॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 03:55, 29 सित॰ तक
मूल 06:17, 30 सित॰ तक
योग
आयुष्मान 00:32, 29 सित॰ तक
सौभाग्य 01:00, 30 सित॰ तक
करण
तैतिल 14:27 तक
गर 03:33, 29 सित॰ तक
वणिज 16:32, 29 सित॰ तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 03:55, 29 सित॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:36
सूर्यास्त
17:37
चंद्रोदय
10:59
चंद्रास्त
21:48
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:00 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 12:01

अशुभ समय

राहुकाल
16:07 – 17:37
यमगंड
11:36 – 13:07
गुलिक काल
14:37 – 16:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3606:36दिन
शुक्र06:3607:36दिन
बुध07:3608:36दिन
चंद्र08:3609:36दिन
शनि09:3610:36दिन
गुरु10:3611:36दिन
मंगल11:3612:37दिन
सूर्य12:3713:37दिन
शुक्र13:3714:37दिन
बुध14:3715:37दिन
चंद्र15:3716:37दिन
शनि16:3717:37दिन
गुरु17:3718:37रात
मंगल18:3719:37रात
सूर्य19:3720:37रात
शुक्र20:3721:37रात
बुध21:3722:37रात
चंद्र22:3723:37रात
शनि23:3700:37रात
गुरु00:3701:37रात
मंगल01:3702:37रात
सूर्य02:3703:37रात
शुक्र03:3704:36रात
बुध04:3605:36रात

अयनांश 24.2166° (लाहिड़ी)। समय कटक (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।