27 मार्च 2026 को कटक का चौघड़िया

शुक्रवार, 27 मार्च 2026, कटक, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को कटक में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (10:07 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (15:24 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 10:20 से 11:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 17:59
रात 05:43 तक
तिथि
नवमी, 10:07 तक
दशमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 15:24 तक
पुष्य
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:44 – 07:16सामान्य
लाभ07:16 – 08:48शुभ
अमृत08:48 – 10:20शुभ
काल10:20 – 11:52टालें
शुभ11:52 – 13:23शुभ
रोग13:23 – 14:55टालें
उद्वेग14:55 – 16:27टालें
चर16:27 – 17:59सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:59 – 19:27टालें
काल19:27 – 20:55टालें
लाभ20:55 – 22:23शुभ
उद्वेग22:23 – 23:51टालें
शुभ23:51 – 01:19शुभ
अमृत01:19 – 02:47शुभ
चर02:47 – 04:15सामान्य
रोग04:15 – 05:43टालें

27 मार्च 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल नवमी 10:07 तक
शुक्ल दशमी 08:46, 28 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 14:50, 28 मार्च तक
योग
अतिगंडअशुभ 22:10 तक
सुकर्मा 20:06, 28 मार्च तक
करण
कौलव 10:07 तक
तैतिल 21:24 तक
गर 08:46, 28 मार्च तक
चंद्र राशि
मिथुन 09:36 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
12:44
चंद्रास्त
01:37
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
10:20 – 11:52
यमगंड
14:55 – 16:27
गुलिक काल
07:16 – 08:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4406:45दिन
बुध06:4507:47दिन
चंद्र07:4708:48दिन
शनि08:4809:49दिन
गुरु09:4910:50दिन
मंगल10:5011:52दिन
सूर्य11:5212:53दिन
शुक्र12:5313:54दिन
बुध13:5414:55दिन
चंद्र14:5515:56दिन
शनि15:5616:58दिन
गुरु16:5817:59दिन
मंगल17:5918:58रात
सूर्य18:5819:56रात
शुक्र19:5620:55रात
बुध20:5521:54रात
चंद्र21:5422:52रात
शनि22:5223:51रात
गुरु23:5100:50रात
मंगल00:5001:48रात
सूर्य01:4802:47रात
शुक्र02:4703:46रात
बुध03:4604:45रात
चंद्र04:4505:43रात

अयनांश 24.2235° (लाहिड़ी)। समय कटक (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।