25 दिसंबर 2026 को कटक का चौघड़िया

शुक्रवार, 25 दिसंबर 2026, कटक, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 25 दिसंबर 2026 को कटक में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (23:26 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (22:50 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 17:13 पर है। राहुकाल 10:24 से 11:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 17:13
रात 06:19 तक
तिथि
द्वितीया, 23:26 तक
तृतीया
नक्षत्र
पुनर्वसु, 22:50 तक
पुष्य
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:19 – 07:41सामान्य
लाभ07:41 – 09:02शुभ
अमृत09:02 – 10:24शुभ
काल10:24 – 11:46टालें
शुभ11:46 – 13:08शुभ
रोग13:08 – 14:29टालें
उद्वेग14:29 – 15:51टालें
चर15:51 – 17:13सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:13 – 18:51टालें
काल18:51 – 20:29टालें
लाभ20:29 – 22:08शुभ
उद्वेग22:08 – 23:46टालें
शुभ23:46 – 01:24शुभ
अमृत01:24 – 03:03शुभ
चर03:03 – 04:41सामान्य
रोग04:41 – 06:19टालें

25 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 23:26 तक
कृष्ण तृतीया 20:05, 26 दिस॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 20:13, 26 दिस॰ तक
योग
ब्रह्म 08:28 तक
इंद्र 04:16, 26 दिस॰ तक
वैधृतिअशुभ 00:22, 27 दिस॰ तक
करण
तैतिल 13:15 तक
गर 23:26 तक
वणिज 09:42, 26 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 17:33 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
17:13
चंद्रोदय
18:43
चंद्रास्त
07:30
दिनमान
10h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:08

अशुभ समय

राहुकाल
10:24 – 11:46
यमगंड
14:29 – 15:51
गुलिक काल
07:41 – 09:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1907:14दिन
बुध07:1408:08दिन
चंद्र08:0809:02दिन
शनि09:0209:57दिन
गुरु09:5710:51दिन
मंगल10:5111:46दिन
सूर्य11:4612:40दिन
शुक्र12:4013:35दिन
बुध13:3514:29दिन
चंद्र14:2915:24दिन
शनि15:2416:18दिन
गुरु16:1817:13दिन
मंगल17:1318:18रात
सूर्य18:1819:24रात
शुक्र19:2420:29रात
बुध20:2921:35रात
चंद्र21:3522:41रात
शनि22:4123:46रात
गुरु23:4600:52रात
मंगल00:5201:57रात
सूर्य01:5703:03रात
शुक्र03:0304:08रात
बुध04:0805:14रात
चंद्र05:1406:19रात

अयनांश 24.2340° (लाहिड़ी)। समय कटक (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।