20 अक्टूबर 2027 को कटक का चौघड़िया

बुधवार, 20 अक्टूबर 2027, कटक, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 20 अक्टूबर 2027 को कटक में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (15:18 तक), नक्षत्र मृगशिरा (22:30 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 17:19 पर है। राहुकाल 11:31 से 12:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 17:19
रात 05:43 तक
तिथि
पंचमी, 15:18 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मृगशिरा, 22:30 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:43 – 07:10शुभ
अमृत07:10 – 08:37शुभ
काल08:37 – 10:04टालें
शुभ10:04 – 11:31शुभ
रोग11:31 – 12:58टालें
उद्वेग12:58 – 14:25टालें
चर14:25 – 15:52सामान्य
लाभ15:52 – 17:19शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:19 – 18:52टालें
शुभ18:52 – 20:25शुभ
अमृत20:25 – 21:58शुभ
चर21:58 – 23:31सामान्य
रोग23:31 – 01:04टालें
काल01:04 – 02:37टालें
लाभ02:37 – 04:10शुभ
उद्वेग04:10 – 05:43टालें

20 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 15:18 तक
कृष्ण षष्ठी 13:43, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 21:32, 21 अक्टू॰ तक
योग
वरीयान 07:05 तक
परिघअशुभ 04:42, 21 अक्टू॰ तक
शिव 02:10, 22 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 15:18 तक
गर 02:32, 21 अक्टू॰ तक
वणिज 13:43, 21 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 10:54 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
17:19
चंद्रोदय
21:09
चंद्रास्त
10:07
दिनमान
11h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:08 – 11:54 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:31 – 12:58
यमगंड
07:10 – 08:37
गुलिक काल
10:04 – 11:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4306:41दिन
चंद्र06:4107:39दिन
शनि07:3908:37दिन
गुरु08:3709:35दिन
मंगल09:3510:33दिन
सूर्य10:3311:31दिन
शुक्र11:3112:29दिन
बुध12:2913:27दिन
चंद्र13:2714:25दिन
शनि14:2515:23दिन
गुरु15:2316:21दिन
मंगल16:2117:19दिन
सूर्य17:1918:21रात
शुक्र18:2119:23रात
बुध19:2320:25रात
चंद्र20:2521:27रात
शनि21:2722:29रात
गुरु22:2923:31रात
मंगल23:3100:33रात
सूर्य00:3301:35रात
शुक्र01:3502:37रात
बुध02:3703:39रात
चंद्र03:3904:41रात
शनि04:4105:43रात

अयनांश 24.2454° (लाहिड़ी)। समय कटक (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।