6 नवंबर 2028 को कटक का चौघड़िया

सोमवार, 6 नवंबर 2028, कटक, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 6 नवंबर 2028 को कटक में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (17:43 तक), नक्षत्र मृगशिरा (14:37 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 17:08 पर है। राहुकाल 07:15 से 08:40 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 17:08
रात 05:51 तक
तिथि
चतुर्थी, 17:43 तक
पंचमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 14:37 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:51 – 07:15शुभ
काल07:15 – 08:40टालें
शुभ08:40 – 10:05शुभ
रोग10:05 – 11:30टालें
उद्वेग11:30 – 12:54टालें
चर12:54 – 14:19सामान्य
लाभ14:19 – 15:44शुभ
अमृत15:44 – 17:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:08 – 18:44सामान्य
रोग18:44 – 20:19टालें
काल20:19 – 21:54टालें
लाभ21:54 – 23:30शुभ
उद्वेग23:30 – 01:05टालें
शुभ01:05 – 02:40शुभ
अमृत02:40 – 04:16शुभ
चर04:16 – 05:51सामान्य

6 नवंबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 17:43 तक
कृष्ण पंचमी 17:29, 7 नव॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 15:03, 7 नव॰ तक
योग
शिव 14:14 तक
सिद्ध 12:57, 7 नव॰ तक
करण
बालव 17:43 तक
कौलव 05:39, 7 नव॰ तक
तैतिल 17:29, 7 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
17:08
चंद्रोदय
20:20
चंद्रास्त
09:13
दिनमान
11h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
11:07 – 11:52

अशुभ समय

राहुकाल
07:15 – 08:40
यमगंड
10:05 – 11:30
गुलिक काल
12:54 – 14:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5106:47दिन
शनि06:4707:44दिन
गुरु07:4408:40दिन
मंगल08:4009:37दिन
सूर्य09:3710:33दिन
शुक्र10:3311:30दिन
बुध11:3012:26दिन
चंद्र12:2613:22दिन
शनि13:2214:19दिन
गुरु14:1915:15दिन
मंगल15:1516:12दिन
सूर्य16:1217:08दिन
शुक्र17:0818:12रात
बुध18:1219:16रात
चंद्र19:1620:19रात
शनि20:1921:23रात
गुरु21:2322:26रात
मंगल22:2623:30रात
सूर्य23:3000:33रात
शुक्र00:3301:37रात
बुध01:3702:40रात
चंद्र02:4003:44रात
शनि03:4404:48रात
गुरु04:4805:51रात

अयनांश 24.2600° (लाहिड़ी)। समय कटक (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।