5 मार्च 2026 को देवघर का चौघड़िया

गुरुवार, 5 मार्च 2026, देवघर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 5 मार्च 2026 को देवघर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (17:04 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (08:17 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 17:47 पर है। राहुकाल 13:23 से 14:51 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 17:47
रात 06:01 तक
तिथि
द्वितीया, 17:04 तक
तृतीया
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:02 – 07:30शुभ
रोग07:30 – 08:58टालें
उद्वेग08:58 – 10:26टालें
चर10:26 – 11:54सामान्य
लाभ11:54 – 13:23शुभ
अमृत13:23 – 14:51शुभ
काल14:51 – 16:19टालें
शुभ16:19 – 17:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:47 – 19:19शुभ
चर19:19 – 20:50सामान्य
रोग20:50 – 22:22टालें
काल22:22 – 23:54टालें
लाभ23:54 – 01:26शुभ
उद्वेग01:26 – 02:57टालें
शुभ02:57 – 04:29शुभ
अमृत04:29 – 06:01शुभ

5 मार्च 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 17:04 तक
कृष्ण तृतीया 17:53, 6 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 09:30, 6 मार्च तक
योग
शूलअशुभ 07:45 तक
गंडअशुभ 07:05, 6 मार्च तक
करण
गर 17:04 तक
वणिज 05:24, 6 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 17:53, 6 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
17:47
चंद्रोदय
19:35
चंद्रास्त
06:54
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:31 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
13:23 – 14:51
यमगंड
06:02 – 07:30
गुलिक काल
08:58 – 10:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0207:01दिन
मंगल07:0107:59दिन
सूर्य07:5908:58दिन
शुक्र08:5809:57दिन
बुध09:5710:56दिन
चंद्र10:5611:54दिन
शनि11:5412:53दिन
गुरु12:5313:52दिन
मंगल13:5214:51दिन
सूर्य14:5115:49दिन
शुक्र15:4916:48दिन
बुध16:4817:47दिन
चंद्र17:4718:48रात
शनि18:4819:49रात
गुरु19:4920:50रात
मंगल20:5021:52रात
सूर्य21:5222:53रात
शुक्र22:5323:54रात
बुध23:5400:55रात
चंद्र00:5501:56रात
शनि01:5602:57रात
गुरु02:5703:59रात
मंगल03:5905:00रात
सूर्य05:0006:01रात

अयनांश 24.2227° (लाहिड़ी)। समय देवघर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।