7 अक्टूबर 2026 को देवघर का चौघड़िया

बुधवार, 7 अक्टूबर 2026, देवघर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को देवघर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (23:17 तक), नक्षत्र मघा (21:40 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:37 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है। राहुकाल 11:30 से 12:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:37 – 17:24
रात 05:37 तक
तिथि
द्वादशी, 23:17 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मघा, 21:40 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:37 – 07:05शुभ
अमृत07:05 – 08:34शुभ
काल08:34 – 10:02टालें
शुभ10:02 – 11:30शुभ
रोग11:30 – 12:59टालें
उद्वेग12:59 – 14:27टालें
चर14:27 – 15:56सामान्य
लाभ15:56 – 17:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:24 – 18:56टालें
शुभ18:56 – 20:27शुभ
अमृत20:27 – 21:59शुभ
चर21:59 – 23:31सामान्य
रोग23:31 – 01:02टालें
काल01:02 – 02:34टालें
लाभ02:34 – 04:06शुभ
उद्वेग04:06 – 05:37टालें

7 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 23:17 तक
कृष्ण त्रयोदशी 22:16, 8 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 21:40 तक
पूर्वा फाल्गुनी 21:20, 8 अक्टू॰ तक
योग
शुभ 02:52, 8 अक्टू॰ तक
शुक्ल 00:58, 9 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 11:53 तक
तैतिल 23:17 तक
गर 10:44, 8 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
17:24
चंद्रोदय
02:12
चंद्रास्त
15:18
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:59 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
11:07 – 11:54 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:30 – 12:59
यमगंड
07:05 – 08:34
गुलिक काल
10:02 – 11:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3706:36दिन
चंद्र06:3607:35दिन
शनि07:3508:34दिन
गुरु08:3409:33दिन
मंगल09:3310:32दिन
सूर्य10:3211:30दिन
शुक्र11:3012:29दिन
बुध12:2913:28दिन
चंद्र13:2814:27दिन
शनि14:2715:26दिन
गुरु15:2616:25दिन
मंगल16:2517:24दिन
सूर्य17:2418:25रात
शुक्र18:2519:26रात
बुध19:2620:27रात
चंद्र20:2721:28रात
शनि21:2822:30रात
गुरु22:3023:31रात
मंगल23:3100:32रात
सूर्य00:3201:33रात
शुक्र01:3302:34रात
बुध02:3403:35रात
चंद्र03:3504:36रात
शनि04:3605:37रात

अयनांश 24.2309° (लाहिड़ी)। समय देवघर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।