7 जनवरी 2028 को देवघर का चौघड़िया

शुक्रवार, 7 जनवरी 2028, देवघर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 7 जनवरी 2028 को देवघर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (20:30 तक), नक्षत्र भरणी (03:52, 8 जन॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 17:10 पर है। राहुकाल 10:29 से 11:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 17:10
रात 06:28 तक
तिथि
दशमी, 20:30 तक
एकादशी
नक्षत्र
भरणी, 03:52 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:28 – 07:48सामान्य
लाभ07:48 – 09:08शुभ
अमृत09:08 – 10:29शुभ
काल10:29 – 11:49टालें
शुभ11:49 – 13:09शुभ
रोग13:09 – 14:29टालें
उद्वेग14:29 – 15:49टालें
चर15:49 – 17:10सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:10 – 18:49टालें
काल18:49 – 20:29टालें
लाभ20:29 – 22:09शुभ
उद्वेग22:09 – 23:49टालें
शुभ23:49 – 01:29शुभ
अमृत01:29 – 03:08शुभ
चर03:08 – 04:48सामान्य
रोग04:48 – 06:28टालें

7 जनवरी 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल दशमी 20:30 तक
शुक्ल एकादशी 19:36, 8 जन॰ तक
नक्षत्र
भरणी 03:52, 8 जन॰ तक
कृत्तिका 03:20, 9 जन॰ तक
योग
सिद्ध 11:48 तक
साध्य 10:07, 8 जन॰ तक
करण
तैतिल 08:39 तक
गर 20:30 तक
वणिज 08:09, 8 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
12:32
चंद्रास्त
01:23
दिनमान
10h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:41 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
10:29 – 11:49
यमगंड
14:29 – 15:49
गुलिक काल
07:48 – 09:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2807:21दिन
बुध07:2108:15दिन
चंद्र08:1509:08दिन
शनि09:0810:02दिन
गुरु10:0210:55दिन
मंगल10:5511:49दिन
सूर्य11:4912:42दिन
शुक्र12:4213:36दिन
बुध13:3614:29दिन
चंद्र14:2915:23दिन
शनि15:2316:16दिन
गुरु16:1617:10दिन
मंगल17:1018:16रात
सूर्य18:1619:23रात
शुक्र19:2320:29रात
बुध20:2921:36रात
चंद्र21:3622:42रात
शनि22:4223:49रात
गुरु23:4900:55रात
मंगल00:5502:02रात
सूर्य02:0203:08रात
शुक्र03:0804:15रात
बुध04:1505:22रात
चंद्र05:2206:28रात

अयनांश 24.2484° (लाहिड़ी)। समय देवघर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।