25 अक्टूबर 2029 को देवघर का चौघड़िया

गुरुवार, 25 अक्टूबर 2029, देवघर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 25 अक्टूबर 2029 को देवघर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (22:34 तक), नक्षत्र कृत्तिका (13:54 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 17:08 पर है। राहुकाल 12:52 से 14:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:45 – 17:08
रात 05:46 तक
तिथि
तृतीया, 22:34 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
कृत्तिका, 13:54 तक
रोहिणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:45 – 07:11शुभ
रोग07:11 – 08:36टालें
उद्वेग08:36 – 10:01टालें
चर10:01 – 11:27सामान्य
लाभ11:27 – 12:52शुभ
अमृत12:52 – 14:17शुभ
काल14:17 – 15:42टालें
शुभ15:42 – 17:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:08 – 18:43शुभ
चर18:43 – 20:17सामान्य
रोग20:17 – 21:52टालें
काल21:52 – 23:27टालें
लाभ23:27 – 01:02शुभ
उद्वेग01:02 – 02:36टालें
शुभ02:36 – 04:11शुभ
अमृत04:11 – 05:46शुभ

25 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 22:34 तक
कृष्ण चतुर्थी 00:52, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 16:46, 26 अक्टू॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 11:32 तक
वरीयान 12:21, 26 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 09:20 तक
विष्टि (भद्रा) 22:34 तक
बव 11:45, 26 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
17:08
चंद्रोदय
19:00
चंद्रास्त
08:06
दिनमान
11h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
11:04 – 11:49

अशुभ समय

राहुकाल
12:52 – 14:17
यमगंड
05:45 – 07:11
गुलिक काल
08:36 – 10:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4506:42दिन
मंगल06:4207:39दिन
सूर्य07:3908:36दिन
शुक्र08:3609:33दिन
बुध09:3310:30दिन
चंद्र10:3011:27दिन
शनि11:2712:23दिन
गुरु12:2313:20दिन
मंगल13:2014:17दिन
सूर्य14:1715:14दिन
शुक्र15:1416:11दिन
बुध16:1117:08दिन
चंद्र17:0818:11रात
शनि18:1119:14रात
गुरु19:1420:17रात
मंगल20:1721:20रात
सूर्य21:2022:24रात
शुक्र22:2423:27रात
बुध23:2700:30रात
चंद्र00:3001:33रात
शनि01:3302:36रात
गुरु02:3603:40रात
मंगल03:4004:43रात
सूर्य04:4305:46रात

अयनांश 24.2735° (लाहिड़ी)। समय देवघर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।