17 सितंबर 2025 को ढाका का चौघड़िया

बुधवार, 17 सितंबर 2025, ढाका, बांग्लादेश। समय Asia/Dhaka में है।

बुधवार, 17 सितंबर 2025 को ढाका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (00:10, 18 सित॰ तक), नक्षत्र पुनर्वसु (06:56 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 11:52 से 13:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:45 – 17:59
रात 05:45 तक
तिथि
एकादशी, 00:10 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुष्य
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:45 – 07:17शुभ
अमृत07:17 – 08:49शुभ
काल08:49 – 10:20टालें
शुभ10:20 – 11:52शुभ
रोग11:52 – 13:24टालें
उद्वेग13:24 – 14:56टालें
चर14:56 – 16:28सामान्य
लाभ16:28 – 17:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:59 – 19:28टालें
शुभ19:28 – 20:56शुभ
अमृत20:56 – 22:24शुभ
चर22:24 – 23:52सामान्य
रोग23:52 – 01:21टालें
काल01:21 – 02:49टालें
लाभ02:49 – 04:17शुभ
उद्वेग04:17 – 05:45टालें

17 सितंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 00:10, 18 सित॰ तक
कृष्ण द्वादशी 23:55, 18 सित॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 07:02, 18 सित॰ तक
योग
परिघअशुभ 23:25 तक
शिव 22:07, 18 सित॰ तक
करण
बव 12:27 तक
बालव 00:10, 18 सित॰ तक
कौलव 11:59, 18 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
01:14
चंद्रास्त
15:17
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:17 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:52 – 13:24
यमगंड
07:17 – 08:49
गुलिक काल
10:20 – 11:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:4506:46दिन
चंद्र06:4607:47दिन
शनि07:4708:49दिन
गुरु08:4909:50दिन
मंगल09:5010:51दिन
सूर्य10:5111:52दिन
शुक्र11:5212:53दिन
बुध12:5313:55दिन
चंद्र13:5514:56दिन
शनि14:5615:57दिन
गुरु15:5716:58दिन
मंगल16:5817:59दिन
सूर्य17:5918:58रात
शुक्र18:5819:57रात
बुध19:5720:56रात
चंद्र20:5621:55रात
शनि21:5522:54रात
गुरु22:5423:52रात
मंगल23:5200:51रात
सूर्य00:5101:50रात
शुक्र01:5002:49रात
बुध02:4903:48रात
चंद्र03:4804:46रात
शनि04:4605:45रात

अयनांश 24.2162° (लाहिड़ी)। समय ढाका (Asia/Dhaka) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।