17 सितंबर 2025 को धनबाद का चौघड़िया

बुधवार, 17 सितंबर 2025, धनबाद, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 17 सितंबर 2025 को धनबाद में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (23:40 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (06:26 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 11:38 से 13:10 तक है।

दिन और रात
दिन 05:31 – 17:45
रात 05:31 तक
तिथि
एकादशी, 23:40 तक
द्वादशी
नक्षत्र
पुष्य
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:31 – 07:03शुभ
अमृत07:03 – 08:34शुभ
काल08:34 – 10:06टालें
शुभ10:06 – 11:38शुभ
रोग11:38 – 13:10टालें
उद्वेग13:10 – 14:42टालें
चर14:42 – 16:14सामान्य
लाभ16:14 – 17:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:45 – 19:14टालें
शुभ19:14 – 20:42शुभ
अमृत20:42 – 22:10शुभ
चर22:10 – 23:38सामान्य
रोग23:38 – 01:06टालें
काल01:06 – 02:35टालें
लाभ02:35 – 04:03शुभ
उद्वेग04:03 – 05:31टालें

17 सितंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 23:40 तक
कृष्ण द्वादशी 23:25, 18 सित॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 06:32, 18 सित॰ तक
योग
परिघअशुभ 22:55 तक
शिव 21:37, 18 सित॰ तक
करण
बव 11:57 तक
बालव 23:40 तक
कौलव 11:29, 18 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
01:01
चंद्रास्त
15:03
दिनमान
12h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 12:03 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:38 – 13:10
यमगंड
07:03 – 08:34
गुलिक काल
10:06 – 11:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3106:32दिन
चंद्र06:3207:33दिन
शनि07:3308:34दिन
गुरु08:3409:36दिन
मंगल09:3610:37दिन
सूर्य10:3711:38दिन
शुक्र11:3812:39दिन
बुध12:3913:41दिन
चंद्र13:4114:42दिन
शनि14:4215:43दिन
गुरु15:4316:44दिन
मंगल16:4417:45दिन
सूर्य17:4518:44रात
शुक्र18:4419:43रात
बुध19:4320:42रात
चंद्र20:4221:41रात
शनि21:4122:39रात
गुरु22:3923:38रात
मंगल23:3800:37रात
सूर्य00:3701:36रात
शुक्र01:3602:35रात
बुध02:3503:33रात
चंद्र03:3304:32रात
शनि04:3205:31रात

अयनांश 24.2162° (लाहिड़ी)। समय धनबाद (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।