21 अक्टूबर 2029 को धनबाद का चौघड़िया

रविवार, 21 अक्टूबर 2029, धनबाद, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 21 अक्टूबर 2029 को धनबाद में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (12:32 तक), नक्षत्र रेवती (04:52, 22 अक्टू॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 17:13 पर है। राहुकाल 15:47 से 17:13 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 17:13
रात 05:44 तक
तिथि
चतुर्दशी, 12:32 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
रेवती, 04:52 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:44 – 07:10टालें
चर07:10 – 08:36सामान्य
लाभ08:36 – 10:02शुभ
अमृत10:02 – 11:28शुभ
काल11:28 – 12:54टालें
शुभ12:54 – 14:20शुभ
रोग14:20 – 15:47टालें
उद्वेग15:47 – 17:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:13 – 18:47शुभ
अमृत18:47 – 20:21शुभ
चर20:21 – 21:55सामान्य
रोग21:55 – 23:28टालें
काल23:28 – 01:02टालें
लाभ01:02 – 02:36शुभ
उद्वेग02:36 – 04:10टालें
शुभ04:10 – 05:44शुभ

21 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 12:32 तक
पूर्णिमा 14:57, 22 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रेवती 04:52, 22 अक्टू॰ तक
अश्विनी 07:51, 23 अक्टू॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 07:58 तक
हर्षण 08:46, 22 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 12:32 तक
विष्टि (भद्रा) 01:43, 22 अक्टू॰ तक
बव 14:57, 22 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मीन 04:52, 22 अक्टू॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
17:13
चंद्रोदय
16:22
चंद्रास्त
04:39
दिनमान
11h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:05 – 11:51

अशुभ समय

राहुकाल
15:47 – 17:13
यमगंड
11:28 – 12:54
गुलिक काल
14:20 – 15:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4406:41दिन
शुक्र06:4107:39दिन
बुध07:3908:36दिन
चंद्र08:3609:33दिन
शनि09:3310:31दिन
गुरु10:3111:28दिन
मंगल11:2812:26दिन
सूर्य12:2613:23दिन
शुक्र13:2314:20दिन
बुध14:2015:18दिन
चंद्र15:1816:15दिन
शनि16:1517:13दिन
गुरु17:1318:15रात
मंगल18:1519:18रात
सूर्य19:1820:21रात
शुक्र20:2121:23रात
बुध21:2322:26रात
चंद्र22:2623:28रात
शनि23:2800:31रात
गुरु00:3101:34रात
मंगल01:3402:36रात
सूर्य02:3603:39रात
शुक्र03:3904:42रात
बुध04:4205:44रात

अयनांश 24.2734° (लाहिड़ी)। समय धनबाद (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।