4 जनवरी 2025 को दोहा का चौघड़िया

शनिवार, 4 जनवरी 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शनिवार, 4 जनवरी 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (19:31 तक), नक्षत्र शतभिषा (18:53 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 16:57 पर है। राहुकाल 08:59 से 10:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 16:57
रात 06:20 तक
तिथि
पंचमी, 19:31 तक
षष्ठी
नक्षत्र
शतभिषा, 18:53 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:20 – 07:39टालें
शुभ07:39 – 08:59शुभ
रोग08:59 – 10:19टालें
उद्वेग10:19 – 11:38टालें
चर11:38 – 12:58सामान्य
लाभ12:58 – 14:18शुभ
अमृत14:18 – 15:37शुभ
काल15:37 – 16:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:57 – 18:37शुभ
उद्वेग18:37 – 20:18टालें
शुभ20:18 – 21:58शुभ
अमृत21:58 – 23:39शुभ
चर23:39 – 01:19सामान्य
रोग01:19 – 02:59टालें
काल02:59 – 04:40टालें
लाभ04:40 – 06:20शुभ

4 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 19:31 तक
शुक्ल षष्ठी 17:45, 5 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 18:53 तक
योग
सिद्धि 07:38 तक
व्यतीपातअशुभ 05:02, 5 जन॰ तक
वरीयान 02:20, 6 जन॰ तक
करण
बव 08:21 तक
बालव 19:31 तक
कौलव 06:39, 5 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
16:57
चंद्रोदय
09:41
चंद्रास्त
21:31
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:17 – 12:00

अशुभ समय

राहुकाल
08:59 – 10:19
यमगंड
12:58 – 14:18
गुलिक काल
06:20 – 07:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2007:13दिन
गुरु07:1308:06दिन
मंगल08:0608:59दिन
सूर्य08:5909:52दिन
शुक्र09:5210:45दिन
बुध10:4511:38दिन
चंद्र11:3812:32दिन
शनि12:3213:25दिन
गुरु13:2514:18दिन
मंगल14:1815:11दिन
सूर्य15:1116:04दिन
शुक्र16:0416:57दिन
बुध16:5718:04रात
चंद्र18:0419:11रात
शनि19:1120:18रात
गुरु20:1821:25रात
मंगल21:2522:32रात
सूर्य22:3223:39रात
शुक्र23:3900:45रात
बुध00:4501:52रात
चंद्र01:5202:59रात
शनि02:5904:06रात
गुरु04:0605:13रात
मंगल05:1306:20रात

अयनांश 24.2064° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।