2 फ़रवरी 2025 को दोहा का चौघड़िया

रविवार, 2 फ़रवरी 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

रविवार, 2 फ़रवरी 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (06:44 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (22:22 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 17:19 पर है। राहुकाल 15:56 से 17:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 17:19
रात 06:15 तक
तिथि
पंचमी, 04:23 तक
षष्ठी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 22:22 तक
रेवती
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:16 – 07:39टालें
चर07:39 – 09:02सामान्य
लाभ09:02 – 10:24शुभ
अमृत10:24 – 11:47शुभ
काल11:47 – 13:10टालें
शुभ13:10 – 14:33शुभ
रोग14:33 – 15:56टालें
उद्वेग15:56 – 17:19टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:19 – 18:56शुभ
अमृत18:56 – 20:33शुभ
चर20:33 – 22:10सामान्य
रोग22:10 – 23:47टालें
काल23:47 – 01:24टालें
लाभ01:24 – 03:01शुभ
उद्वेग03:01 – 04:38टालें
शुभ04:38 – 06:15शुभ

2 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 06:44 तक
शुक्ल पंचमी 04:23, 3 फ़र॰ तक
शुक्ल षष्ठी 02:07, 4 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रेवती 20:46, 3 फ़र॰ तक
योग
शिव 06:44 तक
सिद्ध 03:35, 3 फ़र॰ तक
साध्य 00:32, 4 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:44 तक
बव 17:33 तक
बालव 04:23, 3 फ़र॰ तक
कौलव 15:14, 3 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
17:19
चंद्रोदय
08:50
चंद्रास्त
21:26
दिनमान
11h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:09

अशुभ समय

राहुकाल
15:56 – 17:19
यमगंड
11:47 – 13:10
गुलिक काल
14:33 – 15:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1607:11दिन
शुक्र07:1108:06दिन
बुध08:0609:02दिन
चंद्र09:0209:57दिन
शनि09:5710:52दिन
गुरु10:5211:47दिन
मंगल11:4712:42दिन
सूर्य12:4213:38दिन
शुक्र13:3814:33दिन
बुध14:3315:28दिन
चंद्र15:2816:23दिन
शनि16:2317:19दिन
गुरु17:1918:23रात
मंगल18:2319:28रात
सूर्य19:2820:33रात
शुक्र20:3321:37रात
बुध21:3722:42रात
चंद्र22:4223:47रात
शनि23:4700:52रात
गुरु00:5201:56रात
मंगल01:5603:01रात
सूर्य03:0104:06रात
शुक्र04:0605:11रात
बुध05:1106:15रात

अयनांश 24.2075° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।