25 अप्रैल 2025 को दोहा का चौघड़िया

शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (09:15 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (06:23 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:02 पर और सूर्यास्त 18:01 पर है। राहुकाल 09:54 से 11:31 तक है।

दिन और रात
दिन 05:02 – 18:01
रात 05:01 तक
तिथि
द्वादशी, 09:15 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 03:57 तक
रेवती
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:02 – 06:39सामान्य
लाभ06:39 – 08:17शुभ
अमृत08:17 – 09:54शुभ
काल09:54 – 11:31टालें
शुभ11:31 – 13:09शुभ
रोग13:09 – 14:46टालें
उद्वेग14:46 – 16:24टालें
चर16:24 – 18:01सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:01 – 19:23टालें
काल19:23 – 20:46टालें
लाभ20:46 – 22:09शुभ
उद्वेग22:09 – 23:31टालें
शुभ23:31 – 00:54शुभ
अमृत00:54 – 02:16शुभ
चर02:16 – 03:39सामान्य
रोग03:39 – 05:01टालें

25 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 09:15 तक
कृष्ण त्रयोदशी 05:58, 26 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 03:57, 26 अप्रैल तक
रेवती 01:09, 27 अप्रैल तक
योग
इंद्र 10:00 तक
वैधृतिअशुभ 06:11, 26 अप्रैल तक
करण
तैतिल 09:15 तक
गर 19:39 तक
वणिज 05:58, 26 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:02
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
03:08
चंद्रास्त
15:32
दिनमान
12h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:34 – 04:18
अभिजीत मुहूर्त
11:06 – 11:57

अशुभ समय

राहुकाल
09:54 – 11:31
यमगंड
14:46 – 16:24
गुलिक काल
06:39 – 08:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:0206:07दिन
बुध06:0707:12दिन
चंद्र07:1208:17दिन
शनि08:1709:22दिन
गुरु09:2210:27दिन
मंगल10:2711:31दिन
सूर्य11:3112:36दिन
शुक्र12:3613:41दिन
बुध13:4114:46दिन
चंद्र14:4615:51दिन
शनि15:5116:56दिन
गुरु16:5618:01दिन
मंगल18:0118:56रात
सूर्य18:5619:51रात
शुक्र19:5120:46रात
बुध20:4621:41रात
चंद्र21:4122:36रात
शनि22:3623:31रात
गुरु23:3100:26रात
मंगल00:2601:21रात
सूर्य01:2102:16रात
शुक्र02:1603:11रात
बुध03:1104:06रात
चंद्र04:0605:01रात

अयनांश 24.2107° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।